इलिया में जर्जर दिशा सूचक बोर्ड। संवाद
इलिया। कस्बे में चकिया-इलिया मुख्य मार्ग पर लगा विशालकाय दिशासूचक बोर्ड का जर्जर खंभा राहगीरों के लिए खतरा बन गया है। फाउंडेशन के ठीक ऊपर से खंभा पूरी तरह जंग खाकर कमजोर हो चुका है।
हालत यह है कि हल्की हवा चलने पर भी पूरा बोर्ड हिलने लगता है जिससे आसपास गुजरने वाले लोगों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिशा सूचक बोर्ड काफी भारी है। खंभे का निचला हिस्सा गल चुका है और लोहे की परतें झड़ने लगी हैं। ऐसे में किसी भी समय बोर्ड गिर सकता है। जिस स्थान पर बोर्ड लगा है, वहां दिनभर राहगीरों, दुकानदारों और वाहनों की आवाजाही रहती है।
बरसात के मौसम में तेज हवा और बारिश के चलते खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। कस्बा निवासी शिवानंद प्रसाद, रामजी प्रसाद, रविंद्र गुप्ता, सत्यनारायण विश्वकर्मा और शत्रुघ्न गुप्ता ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उनका कहना है कि समय रहते जर्जर खंभे को नहीं बदला गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से दिशा सूचक बोर्ड का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर असुरक्षित खंभे को हटाने तथा नया खंभा लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर लगे ऐसे जर्जर ढांचों की नियमित जांच जरूरी है ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार ने बताया कि दिशा सूचक बोर्ड बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।