डिप्लोमा इंजीनियरों ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को बिछियां
स्थित धरनास्थल पर दो दिवसीय धरना के पहले दिन सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास
निकाली।
इस मौके पर इंजीनियरों ने प्रारम्भिक ग्रेड वेतन 4800
रुपये करने की मांग की। चेताया कि यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया
गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन का रुख करेंगे।
इस मौके पर वक्ताओं
ने कहा कि जूनियर इंजीनियरों के वेतनमान की विसंगति को दूर किया जाए।
जूनियर इंजीनियरों को उनके सेवाकाल में सात, 14 व 20 वर्ष की सेवा पूर्ण
होने पर क्रमश: सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता व अधीक्षण अभियंता के पदों
पर तैनाती दी जाए।
जूनियर इंजीनियरों को शासन की नीतियों के अनुरूप भौतिक
रूप से तीन पदोन्नति प्रदान करते हुए पृथक दीर्घा में 50 प्रतिशत प्रोन्नति
कोटा प्रदान किया जाए। कहा कि कंट्रीब्यूटरी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर
पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाय। कम्पनियों व पूंजीपतियों के स्थान
पर सरकार द्वारा पैसे का रखरखाव पूर्व की भांति किया जाय तथा न्यूनतम
पेंशन निर्धारित किया जाए।
वर्ष 1992 व 1997 की हड़ताल अवधि में क्रमश: 35
दिन व 65 दिन के वेतन का भुगतान अवकाश में समायोजित कर प्रदान किया जाय।
राजकीय, निगम, निकाय, प्राधिकरण समेत सभी विभागों में जूनियर इंजीनियरों को
सहमति के अनुरूप वाहन अनुरक्षण भत्तता के रूप में 30 लीटर पेट्रोल के
मूल्य की धनराशि प्रदान किया जाय।
उच्च गुणवत्तायुक्त कार्यों का निष्पक्ष व
स्वतंत्र सम्पादन के लिए कार्मिक सुरक्षा अधिनियम का गठन किया जाए।इ स
अवसर पर पीआर यादव, आरके ओझा, यमुना सिंह, अनुज जायसवाल, आदि उपस्थित रहे।
अध्यक्षता आरके सिंह और संचालन यमुना सिंह ने किया।