न्यायालय ने आगामी 30 मार्च तक किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश पारित किया है। बावजूद इसके ठेकेदार व कार्यकारी संस्था जबरन सड़क का निर्माण कार्य कर रही है। प्रधान हृदयानंद वर्मा ने बताया कि काश्तकार की जमीन में जबरन सड़क का निर्माण हो रहा है।
न्यायालय के स्थगन आदेश पर सड़क का निर्माण कार्य रोकने गए भू स्वामी रविंद्र मौर्य 70 वर्ष उनके पुत्र ज्ञानेंद्र प्रताप मौर्य 38 वर्ष, ज्ञानेंद्र प्रताप की पत्नी संचित मौर्य 35 वर्ष व पुत्री पूजा वर्मा को ठेकेदार के लोगों द्वारा पुलिस के सामने ही मारा-पीटा गया। पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
ग्राम प्रधान का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद यहां का प्रशासन गरीब को न्याय नहीं दे पा रहा है। समाचार लिखे जाने तक सड़क का निर्माण कार्य जारी था। दूसरी तरफ सपा के वरिष्ठ नेता विनायक मौर्य और अंगद मिश्र के नेतृत्व में राजदेव वर्मा, राजा वर्मा, रामबाबू वर्मा, हृदयानंद वर्मा सहित दर्जनों लोग थाने में जाकर अधिकारियों से आग्रह किए कि सड़क पर हो रहे निर्माण कार्य रोकवाया जाए।
अधिकारियों ने इनकी बातों को अनसुना कर दिया। जिसके बाद उन लोगों ने थाने में ही नारेबाजी की। इस संदर्भ में पूछने पर थाना समाधान दिवस पर मौजूद नायब तहसीलदार अनिल यादव ने बताया कि न्यायालय का स्थगन आदेश है या नहीं है। उसके बाद भी क्यों सड़क बन रही है? इस पर बोलने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं। इस संबंध में मेरे अधिकारी ही कुछ बता पाएंगे।
दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एसके सिंह का कहना है कि पुरानी सड़क ग्राम पंचायत में बनवाई थी। इस सड़क का पिचिंग कार्य हो रहा है। कोई नई सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है। न्यायालय का स्थगन आदेश के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं है।