मुगलसराय में खुले में बिक रहे कटे हुए फल।
मानसून के पूर्व ही डायरिया की आशंका बढ़ गई है। ठेलों पर कटे-खुले बिक रहे फल आशंका को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त हैं। जबकि इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग और अन्य महकमे गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में मऊ में डायरिया फैला है। जिले में भी हर वर्ष बारिश के मौसम में डायरिया फैलता है और इससे लोगों की मौत भी होती है। इस वर्ष मानसून सिर पर आ चुका है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वास्थ्य विभाग डायरिया से निपटने के पूरे इंतजाम करने की बात कह रहा है। लेकिन सच्चाई इसके उलट है। गांवों में अब तक न तो कुओं में ब्लीचिंग पाउडर डाले गए और न ही क्लोरीन की गोलियों का वितरण गया है। दूसरी तरफ नगर और रेलवे कालोनियों में फटी पाइपों की वजह से दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही है। वहीं बाजार में कटे फल खुलेआम बिक रहे हैं। जबकि गंदगी के बीच बन रहे चाट पकौड़े भी बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। इसकी जांच का जिम्मेदार फूड एंड ड्रग विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहा है।