बढ़ती बेरोजगारी व मनरेगा के तहत मजदूरों का काम नहीं मिलने से नाराज भाकपा
समेत अन्य वामदलों ने सोमवार को दोपहर 12 बजे सदर ब्लाक परिसर में केंद्र
सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार
पर मनरेगा कानून को खत्म करने का आरोप लगाते हुए भड़ास निकाली। अंत में
राष्ट्रपति के नाम संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार को दिया।
इस आंदोलन
को किसान सभा, नौजवान सभा, जनवादी महिला समिति, मिड-डे-मील कर्मचारी
यूनियन, पत्थर खदान यूनियन आदि ने भी समर्थन दिया।
इस अवसर पर हुई सभा
में श्री प्रसाद ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का कारण देश में बेरोजगारी
तेजी से बढ़ रही है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
मनरेगा गांव के गरीब
मजदूरों का एक सहारा था, जिसे केंद्र की मोदी सरकार समाप्त कर देना चाहती
है। कहा कि मनरेगा योजना के तहत गरीब मजदूरों को काम मिलना बंद हो गया है।
जिससे मजदूर परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट गहराता जा रहा है। अन्य
वक्ताओं ने कहा कि सरकार गरीबों के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रही
है, जिससे देख में गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी बढ़ रही है। गरीब जनता से किसी
का कोई वास्ता नहीं रह गया है।
इस मौके पर पूर्व विधायक दीनानाथ यादव,
लालचंद सिंह, गुलाब चंद, जयनाथ, रामप्यारे यादव, रामआसरे आदि उपस्थित रहे।
अध्यक्षता परमानंद व संचालन शंभूनाथ ने किया।