पिछले वर्ष ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूं की फसल का चेक न मिलने से नाराज क्षेत्र के टांडा कला समेत कई गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को गांव स्थित त्रिमुहानी पर प्रदर्शन किया। इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेताया कि यदि अविलंब आपदा राहत चेक का वितरण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना था कि फसल बर्बाद के एक साल बाद भी किसानों को आपदा राहत चेक नहीं मिला है। केंद्र-प्रदेश सरकारें किसानों की हितैषी बनने का ढोंग करती हैं लेकिन उन्हें किसानों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। पिछले वर्ष ओलावृष्टि के चलते गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। उस समय केंद्र व प्रदेश सरकार ने किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा देने की घोषणा की थी। इसके बाद जिले के कुछ गांवों में चेक बांटे गए। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सपा नेताओं के इशारे पर क्षेत्र के कुछ गांवों में चेक बांट रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी जवाहरलाल श्रीवास्तव का कहना है कि बजट भेजने की मांग शासन से की गई है।
चेक मिलने के बाद सभी गांवों के किसानों में चेक का वितरण कर दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में नरेंद्रनाथ पांडेय, नीरज मिश्र, मुहम्मज जलील अहमद, मुन्ना हाशमी, वकील त्रिपाठी, निरहू तिवारी, सत्यप्रकाश द्विवेदी, गोधनराम, मुराहू तिवारी आदि शामिल रहे।