चकिया। आपातकाल ने नागरिकों के मूल अधिकारों का दमन किया गया। इससे देश की राजनीति में बदलाव की नींव पड़ी। यह बात नगर के लक्ष्मी पैलेस लान में रविवार को भाजपा की ओर से आयोजित काला दिवस और लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने कही।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के काले अध्याय को हमेशा याद रखने की जरूरत है ताकि देश में अधिनायक वादी कांग्रेस की नीतियों से नई पीढ़ी अवगत हो सके। विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि आपातकाल के दौरान भारतीय जनसंघ जैसे राष्ट्रवादी राजनीतिक संगठन के हजारों कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया। उनके परिजनों के साथ बर्बरता पूर्ण आचरण किया गया।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रामनगीना यादव ने कहा कि आपातकाल के काले अध्याय की जानकारी नई पीढ़ी को देने के लिए इस को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की जरूरत है। इस अवसर पर लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला महामंत्री उमाशंकर सिंह, डॉ प्रदीप मौर्या, रमेश गुप्ता, नागेश पांडेय, अरविंद पांडेय, विजयानंद द्विवेदी, डॉ कुंदन गौड़, संदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव ने की व संचालन अभिषेक मिश्रा ने किया।