मनरेगा की मजदूरी छह सौ रुपये करने की मांग संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-04
चकिया। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा ने पांच सूत्री मांगों के समर्थन में विकास खंड कार्यालय पर धरना दिया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा। इसमें मनरेगा मजदूरों की मजदूरी छह सौ रुपये प्रतिदिन करने की मांग की।
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनिल पासवान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों की हालत बहुत ही खराब है। एक तो रोजगार नहीं मिल रहा है ऊपर से महंगाई बढ़ती जा रही है। सरकार दशकों से बसे हुए ग्रामीणों को उजाड़ रही है। भूमिहीनों को आवास के लिए जमीन देने की बजाय उन्हें बेदखल कर रही है।
भाकपा (माले) ब्लॉक सचिव विजयी राम ने कहा कि मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये दैनिक मजदूरी मिलनी चाहिए। सभा में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा ब्लॉक संयोजक रामबचन पासवान ने कहा कि किसी भी कीमत पर गरीबों की आवास पर बुल्डोजर नहीं चलाना चाहिए। उन्हें पट्टा देकर बसाया जाना चाहिए। प्रदेश में बिजली सबसे महंगी दी जाती है। बिल के वसूली के लिए ग्रामीणों को प्रताड़ित किया जा रहा है। बिजली बिल माफ करना चाहिए। 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए। वृद्धा, विधवा व विकलांग पेंशन तीन हजार रुपये मासिक की जाए। सभा में इंकलाबी नौजवान सभा जिला परिषद सदस्य रमेश चौहान, विष्णु बनवासी, शंकर राम आदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता शिव चौहान ने और संचालन ब्लॉक संयोजक रामबचन पासवान ने किया।