परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2010 से पहले नियुक्त वरिष्ठ शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण करने का आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है। इसके विरोध में स्थानीय ब्लाक में तैनात शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन ने इस आदेश को आरटीई एक्ट से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण बताया है। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने कहा कि इस आदेश को लेकर शिक्षकों में गहरा असंतोष और निराशा है।
कहा कि यह निर्णय न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि हजारों शिक्षकों की आजीविका पर संकट भी उत्पन्न कर रहा है। ज्ञापन के माध्यम से शासन और सरकार से इस मामले पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने और शिक्षक हित में निर्णय लेने की मांग की।
शिक्षकों ने आवश्यक कानूनी संशोधन कर टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने की भी मांग की ताकि वरिष्ठ शिक्षक सम्मानपूर्वक अपना अध्यापन कार्य जारी रख सकें। ज्ञापन सौंपने वालों में अमित कुमार पांडेय, अवनीश श्रीवास्तव, धीरज यादव, अजीत कुमार सिंह, लवकुश यादव, अमिकेश, संजय, लालजी भारती आदि रहे।