चंदौली। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में चलाए जा रहे सरकार जगाओ स्वाभिमान बचाओ आंदोलन के रविवार को सदर कोतवाली के दिघवट में बैठक हुई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि देवी-देवताओं महापुरुषों एवं राजनेताओं को भी जातियों के आधार पर बांट कर सरकार भेदभाव कर रही है। अनेक देवी, देवताओं, धर्मगुरुओं, महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों और राजनेताओं के नाम पर उनके सम्मान में राष्ट्रीय एवं राजकीय अवकाश घोषित है, तो देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा के नाम पर उनके सम्मान मे अवकाश के सवाल पर सरकार भेदभाव और उपेक्षा क्यों कर रही है। कहा कि सृजन के देवता विश्वकर्मा किसी जाति विशेष वर्ग एवं समूह की सीमा में सीमित नहीं हैं। वह सभी जाति धर्म एवं समूह के द्वारा सर्वत्र पूजित हैं। पौराणिक शास्त्रों, उपनिषदों और ग्रंथों के अनुसार देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं और मानव जाति के कल्याण तथा विकास में अविस्मरणीय योगदान किया है। भगवान विश्वकर्मा करोड़ों विश्वकर्मा वंशीयो के आस्था संस्कृति गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक है। विश्वकर्मा पूजा का अवकाश रद्द करके सरकार आस्था पर कुठाराघात तथा पहचान मिटाने का षड्यंत्र कर रही है। बैठक में जिलाध्यक्ष श्रीकांत विश्वकर्मा, नंदलाल विश्वकर्मा, सुरेश शर्मा, लोचन, दीनदयाल, कालिका विश्वकर्मा, नारायण, चंद्रिका, मोहन विश्वकर्मा, पंचम, दिनेश विश्वकर्मा, आनंद विश्वकर्मा, प्यारेलाल विश्वकर्मा, रमेश विश्वकर्मा, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, गोविंद विश्वकर्मा, रतन विश्वकर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, अवधेश विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा उपस्थित रहे।