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पुरानी पेंशन की मांग रहा है सबसे बड़ा मुद्दा

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पीडीडीयू नगर। विधान सभा चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दल लगातार लोगों को लुभा रही हैं। लोगों के तरह तरह के वादे किए जा रहे हैं। चुनावी मुद्दे भी बनाए जा रहे हैं। वहीं जिले में राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा लंबे समय से मुद्दा रहा है। इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। इस बार के विधान सभा चुनाव में भी यह मुद्दा बना हुआ है।
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वर्ष 2004 में केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के पुरानी पेंशन योजना को बंद कर दिया। इसकी जगह नई पेंशन स्कीम लागू कर दी। इसके बाद राज्य सरकारों ने भी कर्मचारियों की पेंशन बंद कर न्यू पेंशन स्कीम लागू कर दी। नई पेंशन स्कीम में कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। इसके बाद से राज्य कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग के समर्थन में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिछले 18 वर्षों से लगातार कर्मचारी इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं। कई चुनाव आए और गए पर इनकी आवाज किसी ने नहीं सुनी। इस संबंध में पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका में निर्माण विभाग के जेई मुरलीधर कहते हैं कि राज्य कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन की मांग कर हैं। इस बार के चुनाव में यह मुद्दा महत्वपूर्ण है। इसी तरह योगेन्द्रलाल श्रीवास्तव कहते हैं कि पुुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारीहित और आउट सोर्सिंग, संविदा कर्मियों का नियमितिकरण चुनावी मुद्दा बनेंगे। बिजली विभाग में जेई एके पांडेय ने कहा कि राज्य कर्मचारी लगातार इसको लेकर आंदोलनरत रहे हैं। जब तक मांग पूरी नही होती है यह मुद्दा बना रहेगा। संजय कुशवाहा ने कहा कि पिछले 18 वर्षों से पुरानी पेंशन की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। इस बार भी चुनाव में पुरानी पेंशन मुद्दा बनेगा।
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