पीडीडीयू नगर। निजीकरण के विरोध में गोधना स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर बिजली कर्मियों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। बिजली कर्मियों मे दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक तीन घंटे कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी कर धरना दिया। धरनास्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने बिजली के निजीकरण के मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की।
वक्ताओं का कहना था कि आंदोलन के दौरान यह ध्यान रखा जा रहा है कि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान की मांग भी दोहराई। वक्ताओं का कहना था कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति निजीकरण के विरोध में संघर्ष तो कर रही है किंतु शुरू से ही समिति का यह मत रहा है कि आंदोलन के कारण उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत न हो। वक्ताओं का कहना था कि 31104 मेगावाट की बिजली आपूर्ति न केवल प्रदेश में अपितु पूरे देश के किसी भी प्रांत में मंगलवार तक सर्वाधिक बिजली आपूर्ति का नया कीर्तिमान है। वक्ताओं मुख्यमंत्री से निजीकरण के मामले में हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन मेंं एसडीओ, जेई व अन्य बिजली कर्मी शामिल रहे।