कंदवा। गंगा में स्नान के दौरान डूबे सिसौरा गांव निवासी पवन उर्फ आदित्य तिवारी का शव 48 घंटे बाद बुधवार को जमानिया कस्बा के बलुआ घाट के पास उतराया मिला। परिजनों की गुहार पर पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद उनको सौंप दिया। इकलौते बेटे का शव मिलने के बाद माता-पिता और बहनों के करुण क्रंदन से मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
सिसौरा गांव निवासी परमानंद तिवारी का पुत्र आदित्य उर्फ पवन सोमवार को दोस्तों के साथ जमानियां चक्का बांध स्थित गंगा घाट पर जल लेने गया था। कलश में जल भरने से पहले वह अपने साथियों अमित और संजीव के साथ नदी में नहाने लगा। गहने पानी में जाने से तीनों डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने अमित और संजीव को तो बचा लिया लेकिन आदित्य डूब गया। दो दिनों तक एनडीआरएफ की टीम और गोताखोर आदित्य को तलाशते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। बुधवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे जमानिया स्थित बलुआ घाट पर एक शव उतराया हुआ मिला। इसकी सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे तो हाथ में कड़ा और कद काठी से शव की शिनाख्त आदित्य के रूप में की। पंचनामा के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम नहीं कराने की मिन्नतें करने लगे। इसको लेकर पुलिस व परिजनों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। आखिर में पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, घर में आदित्य की मां गीता और बहन नेहा, तन्नू और तान्या रोते-रोते बेहाल हो गईं। बहनें रो-रोकर कह रही थीं कि अब किसको राखी बांधेंगी।