शनिवार की देर रात व रविवार की भोर में जनपद में आई आंधी और बारिश में
किसानों को झटका लगा है। बारिश से दलहन-तिलहन एवं खेतों में खड़ी गेहूं की
फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
किसानों के सामने अब रोटी का
संकट खड़ा हो गया है। उधर बीएचयू के कृषि विज्ञानी डा. रमेश चंद्र ने कहा
कि पश्चिमी विक्षोभ ने जलवायु परिवर्तन की स्थिति बना दी है। जिसका सामना
करने के लिए नई प्रजातियों की जरूरत बढ़ गई है।
दरअसल पश्चिमी विक्षोभ
की संख्या में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि से आये दिन बेमौसम के आंधी पानी
से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेत में खड़ी गेहूं की फसल को सकुशल खलिहान
और घर तक लाने को लेकर किसान सशंकित हो चुके हैं। आंधी पानी से ओले पड़ने
की संभावनायें भी बनी हुई हैं।
इस बारिश से गेहूं की मड़ाई लटक गई है तथा
खलिहानों में पड़ी दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पश्चिमी
विक्षोभ से आए दिन आंधी पानी का क्रम जारी है। इसका सर्वाधिक प्रभाव खेती
पर पड़ रहा है। कम पानी में पैदा होने वाली रबी की फसल इस प्राकृतिक
परिवर्तन से जूझ रही है।
जिसके कारण उत्पादन के प्रभावित होने का डर है।
अभी एक पखवारे पूर्व भी आंधी पानी से जनपद की खेती को नुकसान पहुंचा था।
किसानों का कहना है कि गेहूं की बुआई से लेकर अब तक मौसम बराबर दगा देता
रहा है। बरसात से खलिहानों में कटकर रखी गई दलहनी एवं तिलहनी की फसल भींगने
के कारण बर्बाद हो गई, वहीं खड़ी गेहूं की फसल भी खेतों में ही गिर जाने
से चिंता बढ़ गई है।
फसल की बुआई के समय नहरों एवं माइनरों में पानी का
टोटा रहा, वहीं विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई थी। किसी
तरह किसानों ने गेहूं के फसल की बुआई खेतों में कर दी थी। पहली सिंचाई के
बाद जब किसानों को यूरिया की जरूरत पड़ी, तो समितियों से उर्वरक नदारद रही।
जिससे किसानों को ऊंचे दामों पर बाजारों से यूरिया खाद खरीद कर खेतों में
डालना पड़ा। जबकि किसानों को अभी तक सूखे की मार से खरीफ फसल को हुई
बर्बादी का मुआवजा भी नहीं मिल पाया है।
कंदवा संवाददाता के अनुसार गेहूं,
अरहर और आम को काफी नुकसान पहुंचा है।
उधर चंदौली के कृषि वैज्ञानिक बी राम
ने बताया कि इस बारिश से 35 से 40 फीसदी फसल के नुकसान होने का अनुमान है।
इनसेट
आंधी से कुएं में गिरी महिला की मौत
चकिया। कोतवाली
क्षेत्र के सैदपुर गांव में रविवार की भोर में तेज आंधी के दौरान नीलम पाल
(32) कुएं में गिर गई। जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई।
मौके पर पहुंची
पुलिस ने शव को निकलवाया। विवाहिता के घर के पास कुआं व पंचायत भवन है।
आंधी के दौरान लोगों को कुएं में कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी।
लोगों ने उसे
बाहर निकाला, तब तक नीलम की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर नीलम के मायके
से उसके पिता आदि भी आ गए। लेकिन इस प्रकरण में कोतवाली में कोई तहरीर
नहीं दी गई है।