दलित उत्पीड़न के विरोध में शनिवार को भाकपा माले के नेतृत्व में कोड़रिया के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर जुलूस निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट से जुलूस की शक्ल में बिछियां स्थित धरनास्थल पर सभा की। आरोप लगाया कि सपा सरकार में दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
इस मौके पर माले नेता गुलाब चंद ने कहा कि सामंतवादी ताकतों से मिलकर सदर कोतवाली पुलिस दलितों का उत्पीड़न करने का काम कर रही है।
गत दिनों कोड़रियां गांव निवासी जुगनू को न्यायालय में पेशी के दौरान मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों से मिलकर घायल दलित जुगनू की मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर करा दिया, जो पूरी तरह से गलत है।
कहा कि भाकपा माले कार्यकर्ता अब किसी भी हाल में दलितों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। आरोप लगाया कि जब से प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी है दलितों को जानबूझ कर सताया जा रहा है।
श्रवण मौर्या ने कहा कि कोड़रियां गांव स्थित दलित बस्ती के लोग विद्युतीकरण नहीं होने के कारण आज भी अंधेरे में जीने को विवश हैं।
तमाम प्रयासों के बाद भी सरकारी महकमा दलितों की समस्या को दूर करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। रमेश राय ने कहा कि सपा सरकार में दबंगों के हौसले बुलंद हैं।
आपराधिक छवि वाले गरीबों व दलितों को सता रहे हैं और सत्ता-शासन में बैठे लोग ऐसे आपराधियों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।
चेताया कि यदि दलितों संग उत्पीड़न की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो हम सभी आंदोलन करेंगे। इस मौके पर अनिल पासवान, शशिकांत कुशवाहा, कृष्णा राय, अनीता, मुंशी राय, कन्हैया राम, रामदुलार बिंद आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता गुड्डू राम व संचालन रमेश राय ने किया।