धान के कटोरे में अपराध की फसल लहलहा रही है। जोन में जौनपुर, गाजीपुर से भले ही चंदौली जिला छोटा हो पर सबसे ज्यादा साइबर क्राइम यहीं हुए हैं। इस वर्ष जोन में सबसे ज्यादा 436 साइबर क्राइम की रिपोर्ट चंदौली में दर्ज हुई है। वहीं यहां के साइबर सेल ने सबसे ज्यादा रिकवरी और पैसे होल्ड भी कराए हैं।
चंदौली की 70 फीसद आबादी कृषि से जुड़ी है और गांव में निवास करती है। गांव की भोले-भाले और कम पढ़े लिखे लोग साइबर ठगों के लिए सबसे उपयुक्त और सरल शिकार होते हैं। इसका ही नतीजा रहा कि इस वर्ष चंदौली में पूरे जोन में सबसे ज्यादा साइबर क्राइम हुए। साइबर क्राइम में चंदौली से गाजीपुर और जौनपुर जैसे बड़े जिले भी पिछड़ गए। जिले के साइबर सेल प्रभारी शरद गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष जिले में कुल 436 साइबर क्राइम के केस मिले। इनमें से ज्यादातर केस को साल्व किया गया। जहां विलंब हुआ वही केसेज नहीं साल्व हो सके। कुल 436 साइबर क्राइम के केसेज में चंदौली साइबर सेल ने सबसे ज्यादा चार लाख 26 हजार रूपये लोगों को वापस कराए जो साइबर ठगी के शिकार हो चुके थे। वहीं साइबर अपराधियों के चंगुल से सात लाख 99 हजार रुपये होल्ड कराए। इसमें ज्यादातर मामले प्राइवेट कंपनी के नाम पर नौकरी दिलाने और फेसबुक के माध्यम से हुबहू आईडी बनाकर लोगों को चकमा देने के थे।
साइबर ठगी के शिकार होने पर क्या करें
जिला साइबर सेल प्रभारी शरद गुप्ता ने बताया कि अगर साइबर ठगी या ऐसे अन्य अपराध के शिकार हो जाएं तो तुरंत संबंधित थाने या हेल्पलाइन नंबर 7839876647 और 1930 नंबर पर कॉल करें। साथ ही 222.ष्4ड्ढद्गह्म्ष्ह्म्द्बद्वद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ पर सूचना दें। अगर किसी कारणवश 1930 पर कॉल न लगे तो 112 पर भी कॉल कर सकते हैं। 112 पुलिस 1930 से कनेक्ट कर आपकी शिकायत दर्ज करा सकती है। अगर आपने ठगी के 24 घंटे के अंदर 1930 पर शिकायत कर दी तो साइबर ठग द्वारा फारवर्ड पैसे होल्ड हो सकते हैं। संभवत: पैसों की वापसी भी हो सकती है।
जोन के तीन जिलों गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली में इस वर्ष चंदौली मेें सबसे ज्यादा साइबर क्राइम के केस मिले। वहीं साइबर सेल ने लोगों के सबसे ज्यादा पैसे वापस और होल्ड भी कराए। साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। किसी अनजान को ओटीपी, पिन आदि साझा न करें।- के सत्यनारायणा, आईजी रेंज