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Chandauli News: अघोरेश्वर बाबा कीनाराम धाम में श्रद्धालुओं की भीड़

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संवाद न्यूज एजेंसी
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चहनिया। घोरो के घोर अघोरेश्वर बाबा कीनाराम की जन्मस्थली व तपस्थली रामगढ़ में 426वें जनमोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शुक्रवार की आधी रात से जोरदार बारिश के बावजूद भक्तों का हौसला बुलंद रहा।
एक तरफ लोग कतार बद्ध होकर बाबा कीनाराम के दर्शन पूजन कर रहे थे तो दूसरी तरफ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे थे। प्रातः काल 8 बजे से मोहनभोग का प्रसाद वितरण किया। उसके द अन्नपूर्णा भवन खोल दिया गया। जहां लोग प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किए, जो पुनः तीन बजे बंद कर पुनः मोहनभोग वितरण चालू कर दिया गया। वहीं चारों तरफ बाबा कीनाराम व हर-हर महादेव के जयकारे से पूरा पांडाल कीनाराम व हर-हर महोद से गुजायंमान हो रहा था। लगभग पांच किमी परिक्षेत्र बाबा कीनाराम मय बना हुआ है। सांस्कृतिक कार्यक्रम की रही धूम: शनिवार को सुबह आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। सुंबह 9 बजे 11 बजे तक रामायण और मंगल पाठ दीपक यादव, मोहन तिवारी, अविनाश सिंह व सहयोगी ने किया। 11 बजे से 2 बजे तक हरीशंकर तिवारी, दिव्या दूबे, छोटू पाण्डेय, लोकनाथ महाविद्यालय के बच्चों ने आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक संगीत का कार्यक्रम हुआ जिसमें रौनक श्रीवास्तव मानसी शर्मा, रीना पाण्डेय, प्रीतम मिश्रा तबला वादक, गौरव मिश्रा गायक, सुधीर गौतम ने प्रस्तुतियां दी। रात में आरती और कव्वाली हुई।
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बाबा कीनाराम की महिमा बताई : बाबा कीनाराम के 426वें जन्मोत्सव के दौरान शनिवार को विजय शंकर शुक्ल, विकास सिंह, देवब्रत चौबे, सुबेदार सिंह, अशोक पाण्डेय ने बाबा कीनाराम के जीवन पर चर्चा करते हुए उनकी महिमा बताई । उन्होंने कहा किबा कीनाराम का जन्म सन् 1601 भाद्रपद कृष्ण पक्ष के चर्तुदशी तिथि को रामगढ़ गांव में अकबर सिंह के घर हुआ। माता पिता के दबाव में बारह वर्ष की अवस्था में विवाह अवश्य हुआ पर वैराग्य हो जाने के कारण गौना नहीं हो पाया। बताया कि सन् 1769 को काशी में अघोराचार्य बाबा कीनाराम के 175 वर्ष की आयु में समाधिस्थ हो गए। बरसात मेले में बनी बाध: बाबा कीनाराम जन्मोतसव के दूसरे दिन बरसात बाधा बनी रही। छोटे दुकानदार अपनी दुकानें बंद घर चले गए थे। शनिवार को दोपहर जब पानी बंद हुआ, तो भीड़ बढ़ने लगी। दुकानें भी सजने लगीं।
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