फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से फसलें हुई बर्बाद

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। पिछले वर्ष दिसंबर में बेमौसम बारिश से किसान बर्बाद धान की फसल से उबर नहीं पाए थे और खराब हुई धान की फसल के मुआवजे में आस लगाए बैठे ही थे के किसानों की पिछले दिनों आंधी, पानी और ओले ने उनकी कमर तोड़ दी। बारिश और ओले से गेहूं, चना, सरसों की फसल बर्बाद हो गई। लाचार बेबस किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। हाल तो यह है कि प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से जो रिपोर्ट में नुकसान नाम मात्र है। वहीं एक किसान ने फसल की बर्बादी देख जहां मौत हो गई और वहीं एक की आकाशीय बिजली से मौत हो गई थी। जबकि किसानों की माने तो 40 फीसदी फसल नुकसान हुई है।
विज्ञापन

जनपद में कुल नौ ब्लाक क्षेत्रों में 734 ग्राम पंचायत व पांच तहसील क्षेत्र है। इस बार रबी की खेती लगभग 1.17 हजार हेक्टेयर में की गई है। इसमें सदर तहसील क्षेत्र में लगभग 40 हजार हेक्ट्रेयर में गेहूं की फसल है और चार सौ हेक्टयर में सरसों की फसल है। जहां गत दिनों ओले और बारिश से फसल बर्बाद होने के साथ ही सदर ब्लाक में एक युुवक की मौत हो गई थी, लेकिन सरकारी आंकड़े में सदर में फसलों को नाम मात्र फसलों का नुकसान नहीं हुआ है।
बेमौसम बारिश से किसानों की कमर टूट गई है, लेकिन शासन व प्रशासन इसे मानने को तैयार नहीं है। कार्यालय में बैठे ही नुकासानी का आकलन अधिकारी व कर्मचारी कर ले रहे है। चहेटू गुरू, सुल्तानपुर।
विज्ञापन

धान की फसल तो पहले ही बर्बाद हो गई थी, लेकिन किसानों को गेहूं की फसल का आसरा था वह भी बर्बाद हो गया। शासन व प्रशासन किसानों के प्रति ध्यान नहीं दे रही, बल्कि उत्पीड़न कर रही है। भानू प्रताप शर्मा, मद्घुपुर ।
भगवान किसानों के प्रति रूष्ट हो गए है। धान के फसल के बर्बाद करने के बाद किसानों के गेहूं, चना, मटर व आलू की फसलें भी नुकसान हो गई है। सरकार किसानों के फसलों का आकलन कर उचित मुआवजा दें। सियाराम चौहान, गोकुलपुर।
किसानों के फसलों की बर्बादी का आकलन गांवों में जाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को करनी चाहिए, तभी इसका सही से आकलन हो पाएगा। किसानों की फसलों के नुकासान की भरपाई जिला प्रशासन को तत्काल करनी चाहिए। दीनानाथ सिंह, बनौली।
बेमौसम बारिश से फसल बर्बाद होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है लेकिन अब तक किसानों की बर्बाद फसलों का मौका मुआयना भी नहीं किया गया।इसकी भरपाई तो दूर की बात है। सुरेंद्र सिंह, असना।
बारिश से पहले धान की फसल बर्बाद हो गई और अब गेहूं की फसल।लेकिन तहसील कर्मी तहसील में बैठकर ही फसल बर्बाद हुई या नहीं इसका आकलन कर रहे हैं। किसानों को बर्बाद फसल का उचित मुआवजा हरहाल में मिलना चाहिए। शेषनाथ, पिपरदहा।
अभी धान की बर्बाद हुई फसल का मुआवजा तो किसानों को मिला नहीं कि बेमौसम बारिश से गेंहूं की फसल भी बर्बाद हो गई।लेकिन जिला प्रशासन अभी तकबर्बाद फसलों का आंकलन तक नहीं करा पाया मुआवजा तो दूर की बात है। अजय पांडेय, करौती।
बेमौसम बारिश से धान के बाद गेंहूं की फसल भी बर्बाद होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ी है।क्षति का आंकलन करा कर किसानों को तुरंत उचित मुआवजा मिलना चाहिए। रामउग्रह राजभर, कंजेहरा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें