कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को चंदासी पुलिस बूथ के पास दो बाइक पर सवार बाइक चोर गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा। इनकी निशानदेही पर चोरी की 18 अन्य बाइक विभिन्न स्थानों से बरामद की गई। इन सभी बाइकों के चोरों ने नकली कागजात तैयार कर रखे थे।
चोरों के पास से आठ वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन पत्र सहित अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। फर्जी कागजात तैयार करने वाला अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बाइक चोरी की घटनाओं पर एएसपी देवेन्द्र नाथ द्विवेदी द्वारा क्षेत्राधिकारी सदर त्रिपुरारी पांडेय के निर्देशन में टीम तैयार की गई। शुक्रवार की सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि बाइक चोर गिरोह के सदस्य चंदासी की तरफ आ रहे हैं।
इस सूचना पर चंदासी पुलिस बूथ के समीप वाहन चेकिंग शुरू कर दी। इस बीच दुलहीपुर की तरफ से दो बाइक पर सवार होकर चार युवक आते दिखे। पुलिस कर्मियों ने घेर कर उन्हें पकड़ लिया और पूछताछ की गई तो उन्होने अपना नाम अविनाश यादव निवासी भिसौड़ी मुगलसराय, श्याम उर्फ बेचू विश्वकर्मा निवासी दुलहीपुर, रामकिशुन गुप्ता निवासी दुलहीपुर और छोटू प्रजापति निवासी दुलहीपुर बताया। दोनों ने बाइक चोरी की होने की बात स्वीकार की। बाद में उनकी निशानदेही पर चोरी की 18 अन्य बाइक बरामद हुई। बरामद बाइक में चार अपाचे बाइक, सात पैशन प्रो, चार स्प्लेंडर प्रो, एक सुपर स्पलेंडर, एक हीरो मोटरसाइकल, एक सीडी डिलक्स, चोरी की स्पलेंडर प्लस बाइक हैं।
एसपी ने बताया कि इस गिरोह का संचालक अरविंद राम उर्फ मुन्ना निवासी भूसी शहाबगंज है। 25 दिन पहले वह बाइक चोरी में ही बिहार में वह गिरफ्तार हो चुका है। टीम में प्रभारी निरीक्षक अतुलनरायन सिंह, एसआई सत्यनरायन शुक्ला, प्रणय प्रसून, धर्मनाथ सिंह, मिथिलेश कुमार, लल्लन राम बिंद, विपिन सिंह, हेड कांस्टेबल रामनरायण राय आदि रहे।
आईजी जोन वाराणसी ने टीम के सदस्यों को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।