नियामताबाद। यूपी-बिहार बार्डर स्थित थाना सैयदराजा वन विभाग के रेंज आफिस पर अवैध वसूली कर फर्जी तरीके से ओवरलोड बालू लदे वाहनों को फर्जी दस्तावेज के आधार पर पास कराए जाने की शिकायत पर सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार लिया। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को विभिन्न धाराओं में जेल भेज दिया है। साथ ही दो ओवरलोड बालू लदे ट्रकों को सीज कर दिया गया। इस मामले में वन दरोगा की तलाश की जा रही है।
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल और एसपी संतोष कुमार सिंह ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद इसकी गोपनीय जांच के लिए नायब तहसीलदार और सीओ सदर को जिम्मेदारी दी थी। सैयदराजा पुलिस व नायब तहसीलदार सदर के नेतृत्व में गठित टीम ने वन विभाग के चेकपोस्ट पर छापेमारी की। इस दौरान वहां खड़े बालू लदे दो ओवरलोड ट्रक कुछ लोगों को बैठाकर वाराणसी की तरफ भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर पचफेड़वा के पास दोनों ट्रकों को पकड़ लिया। पूछताछ में ट्रकों के ड्राइवर फिरोज खान व बब्लू पाल ने बताया कि वे सोन नदी से ओवरलोड़ बालू लादकर टेंगरा मोड़ की तरफ जाते हैं। सैयदराजा वनविभाग चेकपोस्ट ड्यूटी पर तैनात दरोगा सत्यप्रकाश सिंह अपने साथी ब्रोकर संजय सहित अन्य ब्रोकर 16 से 18 सौ रुपये तक लेकर बिना तौल कराए निर्धारित मूल्य 950 रुपये की रसीद व कंप्यूटराइज्ड धर्मकांटा से गाड़ी के अंडरलोड होने की तौल रसीद दे देते हैं। चालकों ने धर्मकांटा की कंप्यूटराइज्ड रसीद भी दिखाई। ट्रकों पर बैठे अन्य लोगों को चेक किया गया तो उनके पास से विभिन्न ट्रक नंबरों की तौल रसीद और अन्य कागजात मिले।
पुलिस की पूछताछ में ट्रक चालक बबलू पाल और फिरोज खान ने बताया कि नौबतपुर चेकपोस्ट पर स्थित टेंट वालों के साथ मिलकर ट्रकों की फर्जी वजन की रसीद कांटो के माध्यम से प्राप्त कर ट्रक चालकों से अधिक पैसा लेकर कम पैसे व वजन की रसीद देते हैं। पकड़े गये ट्रकों को तौल कराने पर एक का वजन 80420 किलो व दूसरे का 79850 किलो निकला जबकि उनके पास से मिले धर्मकांटा की पर्ची पर वजन 25110 किलो ही अंकित था। इस संबंध में अलीनगर थाने पर वन विभाग के दरोगा सत्यप्रकाश सिंह सहित अन्य के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इसमें छह लोगों को जेल भेज दिया गया है। जबकि वन दरोगा की तलाश की जा रही है। सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी जल्द कर ली जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार निवासी योगेंद्र यादव, उदित कुमार खरवार, अजीत कुमार केशरी, अजय कुमार व शिवाकांत यादव और चंदौली निवासी वाहिद शामिल हैं।