चंदौली। सदर कोतवाली के जसौली गांव निवासी शिक्षा मित्र संतोष यादव (28) ने बुधवार को घर में फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि लोगों का कहना है कि शिक्षक पद से समायोजन रद्द होने के कारण संतोष काफी दिनों से अवसाद में था। इसकी जानकारी होने के बाद परिवार वालों में कोहराम मच गया। बिना पुलिस को जानकारी दिए ही परिवार वाले शव को पोस्टमार्टम हाउस ले आए। इसकी जानकारी होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कागजी कार्यवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया। घटना की जानकारी होते ही काफी संख्या में वहां लोग पहुंच गये।
परिवार वालों ने बताया कि बुधवार की दोपहर में खाना खाने के बाद संतोष अपने कमरे में सोने चला गया था। अंदर से कमरे की कुंडी बंद कर दिया। इसके पूर्व भी वह अपने कमरे की कुंडी बंद कर दिन में आराम करता था। बुधवार को जब कुछ अधिक समय तक दरवाजा नहीं खुला तो अन्य सदस्य जगाने का प्रयास किए लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जिसके बाद परिजनों ने पिछले कई दिनों से अवसाद में होने के कारण अनहोनी की आशंका से दरवाजा पर जोर देकर खोला। दरवाजा खुलने के बाद कमरे के अदंर पंखे से संतोष का शव लटकता दिखा। जिसे देखने के बाद परिवार के लोग एकाएक चिल्ला उठे। आनन फानन में परिवार वाले ने शव को फंदे से उतार कर जिला चिकित्सालय ले आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद शव को पीएम हाउस में रखा गया। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस में ही पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम कराया।
संतोष के मृत होने की जानकारी होते ही काफी संख्या में शिक्षा मित्र के अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष पति सुनील यादव, श्रीराम द्विवेदी, मनोज तिवारी, इंद्रजीत यादव, अमित यादव, जेपी पांडेय सहित तमाम लोग पोस्टमार्टम हाउस पर जुट गए।
दो वर्षीय बच्ची के सिर से उठा पिता का साया
चंदौली। शिक्षा मित्र संतोष की मौत के बाद परिवार पर पहाड़ सा टूट गया। दो वर्षीय बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया। तो बूढ़ी मां से बेटा छिन गया। उसकी पांच वर्ष पूर्व हुए शादी के बाद एक दो वर्ष की बेटी गुड़िया थी। तीन वर्ष पूर्व इनके पिता का देहांत हो गया था। उसके परिवार के लिए एक मात्र यही सहारा था। इन्हीं के कंधों पर बीमार बूढ़ी मां के इलाज व गुड़िया के परिवरिश का जिम्मेदारी थी। मां व पत्नी दोनों बेसुध थीं।