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तीन घंटे तक चला पुलिस और छात्रों के बीच गुरिल्ला युद्ध

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मुगलसराय। पालीटेक्निक की छात्रा जीनत परवीन की मौत के बाद छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। बवाल इतना बढ़ गया कि पुलिस को स्थिति नियंत्रण करने में पसीने छूट गए। बेकाबू छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया इससे छात्र और नाराज हो गए और पथराव शुरू कर दिया। दोपहर बाद करीब चार बजे बवाल शुरू हुआ तो तकरीबन तीन घंटे तक पुलिस और छात्रों के बीच गुरिल्ला युद्ध चलता रहा।
चक्काजाम के लिए जब छात्रों ने शव को हाईवे पर लेकर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर छात्र भड़क गए और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने जब लाठियां चलाना शुरू किया तो छात्र गलियों में घुस गए और वहीं से पथराव शुरू कर दिया। घटना की जानकारी होते ही एएसपी देवेंद्र नाथ और सीओ सदर कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। देर से पहुंचे पुलिस अफसरों ने छात्रों को पहले समझाने का प्रयास किया लेकिन उत्तेजित छात्र मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई। सुरक्षा की दृष्टि से काफी संख्या में पूरे इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंदौली। मुख्यालय पर छात्रा की मौत के बाद हुए बवाल के तुरंत बाद पुलिस सक्रिय हो गई होती तो इतना बड़े बवाल को रोका जा सकता था। घटना के करीब एक घंटे बाद स्थानीय पुलिस पहुंचने पर छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया। बवाल के बाद पुलिस असहाय और लाचार दिखी। घटना के बाद छात्र धीर-धीरे घटनास्थल पर जुटने लगे लेकिन पुलिस का कुछ पता नहीं चला। इससे छात्रों को एकत्रित होने का भरपूर समय मिला और पुलिस के प्रति नाराजगी भी बढ़ गई। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद पुलिस अधीक्षक बवाल के ढाई घंटे बाद लगभग साढ़े छह बजे मौके पर पहुंचे तब तक छात्रों ने न्यायालय परिसर में आग लगाने के साथ ही पुलिस के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
पुलिस की शिथिलता से बवाल काफी बढ़ गया। पुलिस के जवान टुकड़ियों में आते रहे तब तक छात्रों ने जम कर बवाल कर दिया। यदि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया होता और अधिकारियों तक सही जानकारी पहुंचाई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था। छात्रों के आगे पुलिस असहाय नजर आई। पर्याप्त संख्या में फोर्स के नहीं होने से ही छात्रों ने न्यायालय में आग लगा दी जमकर तोड़-फोड़ की। छात्र टुकड़ियों में बंट गए थे और कई तरफ से पुलिस पर पत्थर फेंक रहे थे। संख्या बल कम होने के कारण पुलिस छात्रों को काबू नहीं कर पा रही थी। मौके पर मौजूद अधिकारी और पुलिसकर्मी यहां-वहां दौड़ते रहे और बवाली छात्र सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुुुंचाते रहे। छात्रों ने फास्ट ट्रैक कोर्ड में एडीजे स्पेशल न्यायालय में आग लगा दी। इसमें कई महत्वपूर्ण न्यायालयीय अभिलेख जलकर राख हो गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपनी बेबसी पर लाचार नजर आये ,और एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ते रहे।

मुगलसराय। चंदौली में सड़क हासदे में जान गंवाने वाली पालीटेक्निक छात्रा जीनत परवीन अपने बैच की टापर थी। वह इलेक्ट्रिकल से पालीटेक्निक कर रही थी। उसके बैच में कुल 135 छात्र थे। पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा में उसने अपने बैच में टाप किया। इसके लिए कालेज की ओर से प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। छठवें सेमस्टर में पढ़ाई के दौरान वह काफी मेहनत कर रही थी। सहपाठियों के अनुसार वह काफी मिलनसार और मृदु भाषी थी।

मुगलसराय। सदर ब्लाक के मुस्तफापुर कांटा निवासी शरीफ शाह भारतीय सेना में सुबेदार के पद पर कार्यरत हैं। वह इस समय जम्मू में तैनात हैं। शरीफ की छह संतानें हैं। जिसमें जीनत परीवन सबसे बड़ी थी। परीवन की दो छोटी बहनें और तीन भाई हैं। घटना की जानकारी होने पर मां नाजो बेसुध हो गई तथा होनहार छात्रा की मौत से पूरे गांव में मातम फैल गया। मां यह कह कर बेहोश जा रही थी कि बड़ी बेटी से अरमान था। पढ़ने में वह काफी होनहार थी।

मुगलसराय (ब्यूरो)। जिले में ओवरलोड तेज रफ्तार वाहन लोगों के लिए काल बन रहे है। गुरुवार को सड़क हादसे में छात्रा की मौत का कारण बना ट्रैक्टर की ट्राली पर ओवर लोड गिट्टी लदी हुई थी। परिवहन और पुलिस विभाग की अनदेखी और मिलीभगत से गिट्टी व बालू से लदे ओवर लोड ट्रैक्टर धड़ल्ले से पार हो रहे है। ओवर ट्रैक्टर सड़क पर मौत बांटते फिर रहे है। इसके पूर्व भी कई घटनाएं ओवरलोड ट्रैक्टर से हो चुकी है। इसके बाद भी पुलिस नहीं चेती।
जिले में पहले से ओवर लोड ट्रकों के सड़क पर दौड़ने का खेल चल रहा था। शासन की सख्ती के बाद थोड़ी ट्रकों पर लगाम लगाई तो ओवर लोड का खेल ट्रैक्टर की ओर शिफ्ट हो गया। नियम विरूद्ध ट्रैक्टर में लगे ट्राली को और अधिक ऊंचा बना दिया जा रहा है। इसके बाद इससे गिट्टी व बालू को ढोने का कार्य धड़ल्ले से जारी है। दूसरी तरफ ट्रैक्टर चालकों के पास कोई लाईसेंस भी नहीं होता है। कई बार किशोर भी ट्रैक्टर दौड़ाते सड़क पर नजर आते है। पूरा खेल पुलिस और परिवहन विभाग के आंखे के सामने होता रहता लेकिन सुविधा शुल्के के चलते सबकुछ अपने आप ही ठीक हो जाता है।
कोट
-छात्रा की मौत के बाद अब स्थिति नियंत्रण में हैं। पालीटेक्नकि कालेज के छात्रों ने न्यायालय परिसर सहित ट्रैक्टर और कई वाहनों में आग लगा दी। तोड़फोड़ करने और आगजनी की घटना में शामिल एक दर्जन से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया है। कानून हाथ में लेने को किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से पालीटेक्निक कालेज को शुक्रवार को बंद कर दिया गया है। संतोष कुमार सिंह, एसपी, चंदौली
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-छात्रा की घटना दुखद है। घटना के बाद कालेज को अगले आदेश तक अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। पठन-पाठन का कार्य बंद रहेगा। कार्यालययी कार्य के लिए कालेज खुलेगा। एमपी सिंह, प्रधानाचार्य पालीटेक्निक कालेज, पालीटेक्निक कालेज।
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