चंदौली। कंदवा। क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गांव में बीते वर्ष हुए दोहरे हत्याकांड मामले में नया मोड़ आ गया है। शासन ने हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी है। लेकिन गोलीकांड में मृत मासूम समर्थ सिंह और अंगनू सिंह के परिवार के लोग मामले को लीपापोती करने का आरोप लगा रहे है। लोगों ने आरोप लगाया है कि जांच को ठंडे बस्ते में डालने के लिए यह कदम उठाया गया है, यदि ऐसा होता है तो वह कोर्ट की शरण लेंगे। लक्ष्मनपुर गांव में 29 अक्टूबर 2017 को रास्ते के विवाद को लेकर एक पक्ष ने लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी थी। जिसमें समर्थ सिंह (6) और संजय उर्फ अंगनू सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। समर्थ के पिता और ग्राम प्रधान संजय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। ग्राम प्रधान संजय सिंह का कहना है कि सीबीसीआईडी की जांच कराकर मामले को लटकाने की साजिश है। जिसमें तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया। लेकिन चौथा आरोपी महुंजी निवासी प्रत्युष आज तक फरार है। पुलिस ने जनवरी माह में ही आरोपी के घर पर कुर्की की कार्रवाई के लिए नोटिस चस्पा किया था । जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। शासन ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी है। घटना के समय कंदवा थाना प्रभारी रहे अरुण दूबे को एसपी संतोष सिंह ने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया था। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर लक्ष्मणपुर हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी कर रही है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कोई कार्रवाई संभव है।