नौगढ़। वनक्षेत्र में घायल तेंदुआ पाए जाने के बाद वनविभाग ने शिकारियों की धर-पकड़ के क्रम में कर्मियों ने गुरुवार को दो शिकारियों को पकड़कर जेल भेज दिया। इससे नाराज गांव के लोगों ने शुक्रवार की सुबह धौठवां स्थित वन चौकी पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और वनवासियों ने खाना बना रहे विभाग के वाचर तेजबली पांडेय और रामकेश वनवासी को पकड़ लिया। प्रतिरोध करने पर दोनों कर्मियों की जमकर पिटाई भी कर दी। दरवाजों को क्षतिग्रस्त किया।
उनका आरोप था कि खानापूर्ति के लिए वनविभाग के कर्मियों ने घर में सो रहे दो निर्दोष वनवासियों को जबरन शिकारी बनाकर जेल भेजा है। वहीं विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपी शिकारी हैं और उनके पास से शिकार करने की वस्तुएं मिली हैं। वनकर्मियों की सूचना पर पहुंची 100 नंबर पुलिस ने उन्हें वनवासियों से मुक्त कराया। वनवासियों का आरोप था कि वन कर्मियों ने वांछित शिकारियों की बजाए घर में सो रहे लोगों को उठाकर जेल भेजा है। नौगढ़ थाने पहुंचे वनवासियों ने कर्मचारियों पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। वहीं सूचना पाकर वनरक्षक आदित्य सिंह व वन दरोगा जय प्रकाश श्रीवास्तव भी थाने पहुंच गए। उन्होंने थाने में वनकर्मियों को मारने पीटने और वनचौकी के दरवाजों को क्षतिग्रस्त करने से संबंधित तहरीर दी। जय मोहनी रेंज के सहायक वन संरक्षक कुंजमोहन वर्मा ने बताया कि पकड़े गए लोग जंगली जानवरों का शिकार करते हैं। उन्हें जंगल से जानवरों को पकड़ने के लिए फंदा लगाते हुए पकड़ा गया है। उनके पास से गुलेल व अन्य शिकार करने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं।