धीना। क्षेत्र के डैना में गुरुवार को रिहायसी मड़ई में आग लगने से दो वर्षीय बालक की मौत हो गई जबकि चार वर्षीय दूसरा बालक गंभीर रूप से झुलस गया। उसे कमालपुर में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अपने दोनों बच्चों को बचाने के चक्कर में मां सलमा खातून भी झुलस गई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डैना निवासी निजामुद्दीन और अलाउद्दीन गांव से करीब से बाहर नहर के किनारे मड़ई में अपने परिवारों के साथ रहते हैं। गुरुवार की दोपहर अचानक अलाउद्दीन की मड़ई में आग लग गई। उस समय उसके दो बेटे सद्दीक (2) और कासिम (4) मड़ई में सो रहे थे। उसकी पत्नी सलमा खातून बाहर कुछ काम कर रही थी। मड़ई से आग की लपटें निकलती देख सलमा शोर मचाने लगी और बच्चों को बचाने के लिए मड़ई में घुस गई। उसने गंभीर रूप से झुलसे कासिम को बाहर निकाल लिया, तब तक आग की लपटें तेज हो गईं और सद्दीक अंदर ही रह गया। इस दौरान सलमा भी झुलस गई और अंदर नहीं जा सकी। शोर सुनकर पहुंचे आस-पास के लोगों ने किसी प्रकार आग पर काबू पाया लेकिन तब तक सद्दीक की मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कासिम को कमालपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, सद्दीक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।