धीना। थाना क्षेत्र के नूरी गांव में शनिवार की रात तीन हमलावरों ने एक घर में घुसकर चंदा देवी (30) पर दो गोलियां दाग दी। दोनों गोलियां महिला के पीठ पर लगी है। घटना के बाद हमलावर खेत रास्ते भाग निकले। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस घायल को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय ले गई। जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। घायल महिला की मां की तहरीर पर पुलिस ने एक नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस के अनुसार घटना में नामजद व्यक्ति का पहले से चंदा के घर आना जाना था। पुलिस भूमि विवाद और आशनाई मानकर जांच पड़ताल कर रही है।
क्षेत्र के नूरी गांव निवासी शारदा की पांच पुत्रियां हैं। सबसे छोटी पुत्री चंदा देवी (30) पति से हुई अनबन के चलते काफी समय से वह अपने नौ साल के बेटे नागराज के साथ अपनी मां शारदा देवी के रहती है। इसकी शादी बिहार के दुर्गावती थाना क्षेत्र दौरिया गांव में तपेश्वर से हुई थी। शनिवार की रात चंदा अपने पुत्र के साथ कमरे सोने के लिए चली गई। रात लगभग साढ़े बारह बजे जब उसका पुत्र नागराज शौच के लिए आंगन में आया तो वहां पहले से तीन लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। बेटे के रोने की आवाज सुनकर कमरे से बाहर चंदा बाहर निकल आई और विरोध करने लगी। तभी बदमाशों ने चंदा पर दो गोलियां दाग दी। दोनो गोली चंदा की पीठ में लगी और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। गोली की आवाज सुनकर घर से बाहर निकली शारदा देवी चिल्लाने लगी। मौका देख बदमाश भाग निकले। आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल चंदा को उठाकर जिला चिकित्सालय ले गई। जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि चंदा की मां की तहरीर पर पप्पू गुप्ता और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हमलावरों की तलाश की जा रही है। दरअसल शारदा देवी के पास लगभग डेढ़ बीघा जमीन है। उसे कोई बेटा नहीं है। पांच बेटियां ही हैं। ऐसे में चर्चा है कि जमीन हड़पने की लालच में भी चंदा को बदमाशों ने निशाना बनाया है।
चाचा पर गोली चलाने वाला भतीजा गिरफ्तार
नियामताबाद । अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लौंदा गांव में पिछले दिनों अपने चाचा गुलाब सोनकर को गोली मारकर घायल करने वाले भतीजा धर्मेंद्र को पुलिस ने रविवार को गंजख्वाजा गांव के पास से पकड़ लिया। पुलिस ने युवक के कब्जे से एक तंमचा व चार कारतूस भी बरामद किया है। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ कर जेल भेज दिया।
थाना क्षेत्र के लौंदा गांव में 14 मार्च को गुलाब सोनकर की पत्नी हीरामनी और उसकी भाभी परमदेई का गोबर हटाने को लेकर विवाद हो गया था। शाम को घर पहुंचने के बाद गुलाब अपनी भाभी परमदेई से विवाद का कारण जानने पहुंचा तो मामला और अधिक बढ़ गया। जिसपर परमदेई के पुत्र धर्मेंद्र ने अपने चाचा गुलाब सोनकर पर गोली दाग दी। गोली गुलाब के पेट में लगी और वह वहीं गिरकर बेहोश हो गया था। इस दौरान धमेंद्र मौके से फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने धमेंद्र पर केस दर्ज कर उसकी तलाश करने लगी थी। रविवार को पुलिस को सूचना मिली की धर्मेंद्र गंजख्वाजा गांव के पास एक दुकान पर खड़ा है। इसके बाद पुलिस ने घेरेबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
नियामताबाद (ब्यूरो)। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेमा गांव में ससुराल आए इटावा निवासी सुरेश (30) की शुक्रवार की देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के चलते पुलिस ने उसका बिसरा सुरक्षित रखवा दिया है। उसकी मौत के बाद शनिवार को परिवार वालों के आने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल नारायण सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से बिसरा को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कंदवा। थाना क्षेत्र के गांव में शुक्रवार की देर रात कमरे में सो रहे भरत बिंद पर गोली चलाने वाले हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में काफी गुस्सा है। रविवार को ग्रामीण ने हमलावरों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द किए जाने की मांग की है। उधर दूसरी तरफ ट्रामा सेंटर में भर्ती भरत बिंद के दिल और फेंफड़ें के बीच में फंसी गोली को चिकित्सकों ने निकाल दिया है। लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस संबंध में सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि पुलिस जल्द हमलावरों को गिरफ्तार कर लेगी।
कंदवा (ब्यूरो)। गांव में हुई घटना के बाद से भरत की सहायता के लिए नरवन के युवा आगे आए हैं। 18 साल पहले वहां उठी जातीय हिंसा के बाद यह पहला अवसर है जब भरत बिंद को गोली लगने के बाद रविवार को गांव के युवा बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचे और उसे खून दिया। गोली निकालने के लिए होने वाले आपरेशन से पहले उसे खून की जरूरत थी। क्षेत्र के इमिलिया गांव निवासी मृत्युंजय सिंह , जलालपुर के संजय सिंह , अरंगी के आलोक सिंह ने घायल भरत को अपना खून देने के साथ ही आर्थिक सहयोग भी किया। युवाओं के इस पहल की गांव में काफी चर्चा है। वहीं दूसरी ओर प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष डा. भानू प्रताप बिंद ने रविवार को कंदवा गांव पहुंचकर गोली कांड में घायल भरत के परिजनों से मिलकर उनका हाल जाना। उन्होंने भरत के परिजनों को ढांढस बंधाया और भरत के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना किया । इस दौरान संगठन के प्रदीप सिंह, प्रदीप बिंद, कमलाकांत बिंद , धर्मराज बिंद मौजूद रहे ।