वाम दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रद्द करने और इसके दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग को लेकर नारे लगाए।
लालपुर स्थित पार्टी कार्यालय से निकला मार्च उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन लेने में देरी होने पर कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर घेराव कर बैठ गए।सभा में भाकपा (माले) राज्य स्थायी समिति सदस्य एवं चंदौली जिला सचिव अनिल पासवान ने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर बने रहने पर सवाल उठते हैं। अनिल पासवान ने कहा कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं। इस मौके पर धर्मपाल राम, सुदामा राम, एपवा नेत्री वैजयंती माला, रामसनेही, शिवलोचन, राधिका देवी, शिव चौहान, कमली वनवासी, रामबचन वनवासी और चंद्रभान चौहान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।