चंदौली। जिले की एक अदालत ने करीब तीन दशक पुराने मामले में बुधवार को एक आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 1996 का है, जिसमें लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार दोषी को सजा मिली है। 28 अगस्त 1996 को मुगलसराय थाने में आरोपी अवधेश (निवासी बेचूपुर) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 401 (चोरों के गिरोह का हिस्सा होने) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद 3 जून 2026 को सिविल जज जूनियर डिवीजन चंदौली, नवनीत कुमार की अदालत ने आरोपी अवधेश को दोषी पाया। अदालत ने दोषी को उसके द्वारा जेल में पहले ही बिताई जा चुकी अवधि की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 1000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी व्यक्ति जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे सात दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।