चंदौली जिले के कोरोना पॉजिटिव युवक की बीएचयू अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिले में कोरोना संक्रमण से यह पहली मौत है। जिलाधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। उसकी जांच रिपोर्ट 29 मई की देर रात आई थी जिसमें वह कोराना पॉजिटिव पाया गया था। जबकि 28 मई को उसकी मौत हो गई थी। युवक धानापुर ब्लाक के अमरा गांव का रहने वाला था।
वह 15 मई को नासिक से लौटा था। 27 मई को उसकी तबीयत खराब होने पर उसे बीएचयू के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। धानापुर ब्लाक के अमरा गांव का एक युवक 15 मई को महाराष्ट्र के नासिक से घर लौटा था। 27 मई को उसकी हालत खराब होने पर परिवार के लोग सीएचसी धानापुर ले गए। जहां हालत खराब होने पर जिला अस्पताल भेजा गया।
वहां कोरोना के लक्षण पाने पर उसे बीएचयू भेज दिया गया था। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि 27 मई को कोरोना लक्षण पाए जाने पर मरीज के साथ उसके सैंपल लेकर जांच के लिए बीएचयू इलाज के लिए भेजा गया था। डीएम ने बताया कि इलाज के दौरान 28 मई को उसकी मौत हो गई और 29 मई को उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।
शनिवार की सुबह उसका अंतिम संस्कार वाराणसी के हरश्चंद्र घाट पर कर दिया गया। इसके बाद उसके परिवार में माता-पिता और गर्भवती पत्नी समेत तीन बच्चों को जिला अस्पताल भेज कर आइसोलेट कर दिया गया है। साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
युवक के संपर्क में आए डाक्टरों का जांच के लिए भेजा सैंपल
अमरा गांव के युवक की बीएचयू अस्पताल में मौत होने के बाद चंदौली जिला अस्पताल में 27 मई को उसका चेकअप करने वाले डाक्टरों और नर्सों का सैंपल शनिवार को जांच के लिए भेज दिया गया। इस संबंध में इमरजेंसी के डॉक्टर अजय वर्मा ने बताया कि मरीज नासिक से आया था। उसकी हालत गंभीर होने पर परिजन निजी वाहन से 27 मई शाम जिला अस्पताल लाए थे।
सुरक्षा उपकरणों के साथ हॉस्पिटल के गेट पर ही उसका चेकअप किया गया था। प्रथम दृष्टया कोरोना संक्रमित लगने पर उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। उसकी मौत के बाद उसका चेकअप करने वाले स्टाफ और उनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जिससे संक्रमण का पता लगाया जा सके।
निजी चालक सहित नौ लोग आइसोलेट
नासिक से लौटे अमरा गांव के युवक की बीएचयू में इलाज के दौरान मौत होने की सूचना पर मृत युवक के परिवार और उसे अस्पताल ले जाने वाले वाहन के चालक को जिला अस्पताल में आइसोलेट कर दिया गया। ग्राम प्रधान जीउत पाल ने बताया कि शनिवार सुबह प्रशासन से मरीज के बारे में परिवार वालों को जानकारी दी गई।
वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के पिता, चाचा, चाची, पत्नी और उसके बच्चों और निजी वाहन के चालक को जिला अस्पताल ले जाकर आइसोलेट कर दिया है। गांव वालों के अनुसार मृतक का दो साल से टीबी का इलाज चल रहा था। पिछले साल वह परिवार के साथ नासिक कमाने गया था।