प्रशासन के लाख सख्ती के दावे के दावे के बावजूद अवैध बालू खनन पर रोक पूरी तरह नहीं लग पा रही है। जिले के शहाबगंज क्षेत्र के अताय, चहनियां क्षेत्र के बलुआ, महमूदपुर, हरधन, कंदवा क्षेत्र के अरंगी, अदसड़, चिरईगांव, दैथा, धानापुर क्षेत्र के आमादपुर, जिगना, नगवां आदि स्थान ऐसे हैं जहां अवैध खनन का कारोबार रात में चलता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इसके पीछे पूरा नेटवर्क सक्रिय है। सफेदपोशों के संरक्षण में रहने वाले पुलिसकर्मी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अवैध खनन पर रोक का असर जिले में दिखाई नहीं दे रहा है। रात के अंधेरे में पूरा गिरोह सक्रिय हो जाता है। लोगों के अनुसार कई बार खनन विभाग और पुलिस को इसकी सूचना भी दी जाती है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। ज्यादा दबाव बनने पर पुलिस कभी कभार एक दो ट्रैक्टर पकड़कर कार्रवाई कर देती है। चहनियां क्षेत्र के बलुआ, जूड़ा, हरधन, महमदपुर, धानापुर क्षेत्र के आमादपुर, नगवां, जिगना, कंदवा क्षेत्र के अरंगी, अदसड़, चिरईगांव आदि ऐसे स्थान हैं, जहां पर बालू खनन करवाने के लिए सफेदपोश सक्रिय हैं और उनके इशारे पर ही अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है।
कंदवा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में पूरी रात अवैध बालू खनन का काम जेसीबी से चलता है। अरंगी, अदसड़ और चिरईगांव से एक रात में लगभग 50 ट्रक और 100 ट्रैक्टर बालू निकाला जाता है। इसी प्रकार चहनियां क्षेत्र के हरधन, बलुआ, जूड़ा, महमदपुर आदि स्थानों से कुल मिलाकर अनुमानित 75 से 80 ट्रक और 200 से अधिक ट्रैक्टर प्रतिदिन पास कराए जाते हैं। इसी प्रकार सूत्रों के अनुसार धानापुर क्षेत्र के आमादपुर, जिगना और नगवां घाट से प्रतिदिन 20 ट्रक और 50 ट्रैक्टर बालू एक रात में निकाले जाते हैं।