विंध्याचल थाने में तैनात सिपाही मंजय सिंह ने थानाध्यक्ष पर छुट्टी देने में देरी करने का आरोप लगाया था। बताया था कि समय से छुट्टी न मिलने से वह बच्चे का इलाज नहीं करा सका। सिपाही ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और एडीजी से की थी। लेकिन जांच में सिपाही का आरोप झूठ निकला। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने सिपाही को निलंबित कर दिया।
विंध्याचल थाने में तैनात बिहार के आरा निवासी सिपाही मंजय सिंह ने चार सितंबर को पुुलिस अधीक्षक, डीआईजी, एडीजी को फोन कर बताया कि उसे छुट्टी देने में देरी की गई। इसके चलते वह घर पहुंच कर बच्चे का इलाज नहीं करा सका। इस कारण उसके बच्चे की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने मामले की जांच का आदेश दिया। जांच में पता चला कि सिपाही का आरोप गलत है। विंध्याचल थानाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि सिपाही ने तीन सितंबर को छुट्टी के लिए आवेदन किया था। चार सितंबर से तीन दिन की छुट्टी दी गई थी। चार सितंबर की सुबह छुट्टी पर जाने के बाद दोपहर में अधिकारियों को फोन कर सिपाही ने छुट्टी न मिलने से समय से उपचार न होनेे से बच्चे की मौत का आरोप लगाया था।