राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन जिला इकाई की ओर से गुरुवार को जनपदस्तरीय सम्मेलन का आयोजन नवीन मंडी समिति परिसर में आयोजित किया गया। इसमें ग्राम प्रधानों के हक सहित तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर एससी/एसटी आयोग के उपाध्यक्ष ब्यास जी गोंड ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास में प्रधानों की भूमिका हमेशा से अग्रणी रही है। प्रधान देश के सबसे छोटी मगर सबसे सशक्त सदन का न केवल नेतृत्व करते आ रहे हैं, बल्कि गंवई जनता के दुख-दर्द को भी बांटने का काम भी किया है। आज प्रधान अपनी समस्या व उसके समाधान को लेकर यहां एकत्रित हैं, यह एक गंभीर विषय है। ग्राम प्रधानों की समस्या मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर जल्द से जल्द उसका समाधान शासन स्तर पर कराने की कोशिश करूंगा। डीएम कुमार प्रशांत ने कहा कि प्रधानों की समस्याओं का समाधान हरसंभव प्रयास होगा। प्रधानों व अधिकारियों संग आपसी तालमेल बैठाकर जनपद विकास की कड़ी में आगे ले जाने का काम किया जाएगा। सीडीओ एमपी सिंह ने कहा कि विकास कार्यों को आमजन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम विकास अधिकारी व प्रधानों में तालमेल का अभाव है। इस गंभीर समस्या को दूर किया जाना चाहिए। जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि प्रधानों के हक और अधिकार के लिए संघर्ष हमेशा जारी रहेगा। जनपद में प्रधानों पर जो भी मुकदमें पंजीकृत हुए हैं उसे तत्काल वापस किया जाए।
अंत में बालेश्वर सिंह को जिला उपाध्यक्ष व कृष्ण कुमार द्विवेदी को जिला प्रभारी बनाया गया। इस दौरान सम्मेलन में मौजूद ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्याओं को पुरजोर ढंग से रखा और उसके निराकरण की मांग की। इस अवसर पर सत्यनारायण राजभर, अशोक कुमार यादव, रामध्वजा सिंह, बब्बन यादव, दुखहरन राय, जगमेंद्र यादव, शमशेर सिद्दीकी, दयाराम यादव, भोला सिंह, मंयक यादव, यादवेश यादव, रविंद्र राय,संजय चौहान, जनार्दन यादव, लालबहादुर यादव, राजेश यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्रभाष सिंह अनुज व संचालन घनश्याम पांडेय ने किया।