भूजल जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम का समापन गुरुवार को विकास भवन सभागार में
हुआ। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जगदीश सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को जल
संरक्षण हेतु कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि
गांवों का निरीक्षण करें और जहां भी अनायास रूप से सबमर्सिबल पंप लगाए गए
हैं, उन्हें हटवाते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाएं।
मुख्य
विकास अधिकारी ने कहा कि जल बचाने का अभियान पूरे वर्ष चलते रहना चाहिए।
सभी का दायित्व है कि वह पानी को संरक्षित करे। लोग अपने घरों के बाहर भी
पानी का संचय कर सकते हैं। कहा कि वन विभाग को जल संरक्षण की दिशा में
अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है।
खासकर चकिया और नौगढ़ क्षेत्रों
में कई स्थानों पर अनायास ही पानी बह रहा है। इसका संरक्षण हो तो किसानों,
वनवासियों और वन्य जीवों को काफी फायदा होगा। सहायक अभियंता लघु सिंचाई
मुरारी यादव ने कहा कि सभी को यह संकल्प लेना होगा कि अपनी दिनचर्या में
पानी की बरबादी रोकेंगे।
साथ ही भूगर्भ जल दोहन को नियंत्रित
करेंगे। भावी जलनिधि के रूप में बारिश के पानी को संचित कर सिकुड़ते भूजल
संसाधनों को बचाएंगे। इस अवसर पर अविनाश कुमार राय, प्रमेंद्र तिवारी,
बांके बिहारी उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।