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Chandauli News: कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव बोले-भाजपा के संगठन के रूप में काम कर रहा चुनाव आयोग

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चंदौली ​स्थित कांग्रेस कार्यालय में बैठक में उप​स्थित कार्यकर्ता। स्रोत:-जागरूक पाठक
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पीडीडीयू नगर। जिला और नगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक रविवार को मुख्यालय स्थित चंद्रा त्रिपाठी कांग्रेस भवन में हुई। इसमें देश के 17 राज्यों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया से हो रही लोगों की परेशानी पर विस्तृत चर्चा की गई।
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मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के आनुषांगिक संगठन के रूप में काम कर रहा है। चुनाव आयोग ने जटिल एसआईआर प्रक्रिया थोपकर लोगों को उलझा दिया है। ताकि लोगों का ध्यान बिहार चुनाव में हुई लोकतंत्र की हत्या से हटाया जा सके। चुनाव आयोग देशभर में बीएलओ का मानसिक उत्पीड़न कर उनको आत्महत्या करने पर विवश कर रहा है। जोनल कोआर्डिनेटर अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार की मंशा के अनुरूप चुनाव आयोग दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के वोट काटने में लगा है। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि एसआईआर लाकर भाजपा सरकार देश के सम्मानित नागरिकों को अपमानित कर रही है। अध्यापकों को सरकार एसआईआर में लगाकर छात्रों की शिक्षा को बाधित कर दी है। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनपद में एसआईआर से हो रही तकलीफ़ में आम जनता के साथ हरसंभव मदद कर रहे हैं। शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया। इस मौके पर मधु राय, तरुण पांडेय, राजेंद्र गौतम, डॉ राजेश शर्मा, टीआर दिनकर, दयाराम पटेल, शाहिद तौसीफ आदि रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ने और संचालन शिवेंद्र मिश्रा ने किया।
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कार्यकर्ताओं ने पार्टी के सचिव का स्वागत किया
प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री राजेश तिवारी का रविवार को नगर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता के नेतृत्व में स्वागत किया। वहीं कैलाशपुरी स्थित कैंप कार्यालय पर राजेश तिवारी ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। कहा की भाजपा सरकार केंद्रीय चुनाव आयोग से मिलकर जनता का महंगाई अपराध भ्रष्टाचार वोट चोरी से ध्यान भटकाने के लिए एसआईआर करा रही है। देश के आजादी के बाद अब तक छह बार एसआईआर हो चुका है। अब कोई जरूरत नहीं है। एसआईआर के नाम पर बिहार में 65 लाख वोट काटे गए परंतु अब तक एक भी घुसपैठिया की सूची नहीं जारी हुई है।
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