पिछले दिनों गुजरात में दलितों का उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने से राजनीतिक दलों में रोष है। गुरुवार को विभिन्न राजनीतिक दलों ने धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। कांग्रेसियों ने जहां अंबेडकर प्रतिमा के साथ मौन प्रदर्शन किया तथा सकलडीहा में धरना दिया वहीं भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
उत्तर प्रदेश् कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव पर शहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के चतुर्भुजपुर ओड़वार स्थित अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष मौन प्रदर्शन किया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दलित के घर पहुंच कर खाना खा रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा शासित गुजरात में दलितों को सरेआम पीटा जा रहा
है। इससे साफ पता चलता कि भाजपा की मानसिकता दलित विरोधी है। भाजपा नेता लगातार दलित और महिला विरोधी बयान दे रहे हैं। हाल ही में दयाशंकर सिंह ने बसपा प्रमुख मायावती के खलाफ गलत टिप्पणि की है। इसके पहले केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने भी सोनिया गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणि की थी। महिला मोर्चा की प्रदेशअ ध्यक्ष मधु मिश्र ने अलीगढ़ में दलितों के खिलाफ आपत्ति जनक वक्तव्य दिए। जिस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, उससे पता चलता है कि मोदी का अपने मंत्रियों और नेताओं पर नियंत्रण नहीं रह गया है। इस दौरान मौन धारण और उपवास में रामजी गुप्ता, बृजेश गुप्ता, शाहिद तौसिफ, विजय गुप्ता, नंदगोपाल, सतपाल सिंह, राकेश सिंह, ऋषि दयाल, दीपक गुप्ता, वंदना, संजय मिश्र, अनिता श्रीवास्तव, मोहन गुप्ता, वंदन, राधिका, उषा, लक्ष्मीी, अनिता, मीना, सरोज, रेखा, पार्वती, सीता, श्यमदेई, मन्ता देवी आदि रहे।
इसी तरह भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले, खेत मजदूर सभा के बैनर तले कुछ लोगों ने केंद्र सरकार के प्रतीक पुतला लेकर जुलूस निकाला और क्षेत्र भ्रमण के बाद जीटी रोड पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।