हिसार। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार करते नगर निगम कर्मचारी।
विद्यालयों में जैविक कचरे के उचित निस्तारण और अपशिष्ट पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए खाद के गड्ढों का निर्माण कराया जाएगा। इनमें पत्तियों, घास और भोजन के बचे हुए हिस्सों जैसे जैविक कचरे से खाद तैयार की जाएगी। इस खाद का इस्तेमाल विद्यालयों के किचन गार्डन में सब्जियां और पौधे उगाने के लिए किया जाएगा।
गीले और सूखे कचरे को अलग रखने पर जोर
विद्यालयों से निकलने वाले कचरे को उपयोगी बनाने के लिए गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। जैविक कचरे को खाद के गड्ढों में डालकर खाद तैयार की जाएगी। इससे कचरे का बेहतर निस्तारण होगा और विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने में भी मदद मिलेगी।
बच्चों में विकसित होगी पर्यावरण संरक्षण की समझ
बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि खाद के गड्ढों के निर्माण से विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सदुपयोग की आदत विकसित होगी। तैयार जैविक खाद से विद्यालयों के किचन गार्डन में सब्जियां और पौधे उगाए जाएंगे। इससे बच्चों को जैविक खाद के महत्व और कचरे के सही उपयोग की जानकारी मिलेगी।