नौगढ़ । लक्ष्मणपुर और बैरगाढ़ गांवों में शुक्रवार को “चलो चंदौली प्रशासन आपके द्वार” अभियान के तहत जन चौपाल का आयोजन किया गया।
उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुनकर समाधान करना था। हालांकि, दोनों गांवों में कार्यक्रम की सफलता को लेकर अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं।
लक्ष्मणपुर में जन चौपाल का उद्घाटन उपजिलाधिकारी विकास मित्तल ने किया, लेकिन कार्यक्रम की शुरुआत से ही माहौल निराशाजनक रहा।
जब एसडीएम मौके पर पहुंचे, तो देखा कि ग्रामीणों की उपस्थिति लगभग शून्य थी। केवल दो गर्भवती महिलाएं और एक नवजात शिशु के साथ मां उपस्थित थीं। इस पर एसडीएम ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को फटकार लगाई और कार्यक्रम की तैयारी पर सवाल उठाए।
विभिन्न विभागों के स्टॉल भी ग्रामीण की सहभागिता के अभाव में खाली नजर आए। यह स्थिति प्रशासनिक प्रयासों को झटका देने वाली रही, क्योंकि कार्यक्रम का उद्देश्य ही था जनता से सीधा संवाद। बैरगाढ़ गांव में खंड विकास अधिकारी अमित कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
बीडीओ अमित कुमार ने बताया कि चलो चंदौली प्रशासन आपके द्वारा चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे आगे बढ़कर ऐसे आयोजनों में भाग लें, ताकि प्रशासन उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदा की गई, जो मातृत्व सम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम की अंत में एसडीएम और बीडीओ ने दो नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन और दो गर्भवती महिलाओं का गोदभराई का रश्म पूरी की। एसडीएम ने बताया कि कर्मचारियों को चेतावनी दी गई कि ऐसी हालत अगली बार न हो। पूरी तैयारी के साथ आयोजन किया जाएगा। संवाद