आषाढ़ माह के अंतिम दिन गुरुपूर्णिमा पर मंगलवार को जमकर मेघ बरसे। इसके पूर्व सोमवार की पूरी रात भी बरसात हुई। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में मैदानी इलाके में चालीस मिमी बारिश हुई है, वहीं पहाड़ी इलाकों में चौबीस घंटों में दस मिमी बारिश हुई है। बारिश से किसानों में खुशी रही। वहीं शहरी इलाकों में जलभराव से आम लोगों को दिक्कत हुई। सर्वाधिक परेशानी रेलवे कालोनियों में हो रही है। इसको लेकर लोगों में रोष है।
सोमवार की शाम से घनघोर बादल छाए और आधी रात के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। पूरी रात बारिश होती रही और फिर मंगलवार की सुबह तीन घंटे तक बारिश होती रही। बारिश से मौसम तो ठंडा रहा ही लगातार बारिश से नगरीय इलाके में जलभराव की स्थिति भी रही। रेलवे के गया कालोनी, मानसनगर, सेंट्रल कालोनी, लोको कालोनी, डीजल कालोनी, आरपीएफ कालोनी, शास्त्री कालोनी, इंडियन इंस्टीट्यूट कालोनी, यूरोपियन कालोनी में सड़कों पर पानी जमा हो गया। इस तरह चतुर्भुजपुर, काली महाल, शाहकुटी, कैलाशपुरी, रविनगर, महमूदपुर, नई बस्ती आदि इलाकों में कुछ देर के लिए जल जमाव हुआ। नगर में जल जमाव न हो इसके लिए रेलवे और नगर पालिका ने मिल कर बड़े गंदे नाले की सफाई करायी थी। इसमें लाखों रुपये खर्च किए गए। यही नहीं गली मुहल्लों में भी साफ सफाई की गई, लेकिन अधिकतर काम मानक के अनुरूप नहीं हुए हैं। इसका असर बारिश होते ही मुहल्लों में जल जमाव के रूप में दिखने लगा है। इसी तरह चहनियां, सैयदराजा, कंदवा, धानापुर, चकिया, बबुरी, चंदौली इलाकों में भी बारिश हुई है।