मांस की दूकान बंद करते पुलिस कर्मी।
बगैर लाइसेंस के नगर के कुछ मांस विक्रेताओं ने शुक्रवार को अपनी दूकानें खोल दी। लेकिन इसकी सूचना मिलते ही एक्शन में आई पुलिस ने खुली दूकानों को फिर से बंद करा दिया। इसके बाद पुलिस ने हिदायत दी कि बिना लाईसेंस किसी ने भी मटन या मीट बेचने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर दूसरी तरफ मटन और मीट ब्रिकी के लिए लाईसेंस की जटिल प्रक्रिया के चलते विक्रेता नियमों को समझने में ही परेशान हैं।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध बूचड़खानों और बिना लाईसेंस के मीट और मटन बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके बाद जिले के सबसे बड़े नगर मुगलसराय में भी दर्जनों मटन और मीट की दूकानों पर पुलिस की सख्ती के बाद ताले लग गए। इससे बेरोजगार हुए विक्रेताओं के समक्ष परिवार को पालने का संकट खड़ा हो गया है।
कुछ दिन बीत जाने के बाद अधिकारियों की नजर फिरते ही शुक्रवार को एक फिर से कुछ मटन विक्रेताओं ने दूूकान खोलकर बेचने की कोशिश की। तभी किसी ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे कूड़ा बाजार पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही ने दोनों दूकानों को बंद करवा दिया और बिना लाइसेंस लिए दूकान नहीं खोलने की हिदायत दी।
वहीं कई मटन विक्रेताओं का कहना है लाइसेंस लेने के लिए नियमों को इतना सख्त बना दिया गया है कि उन्हें यह समझ ही नहीं आ रहा है कि जाएं तो जाएं कहां। कहा कि उन्हेें बताया गया है कि उन्हें कई स्थानों से एनओसी लेना है लेकिन कैसे और कहां से इसकी शुरुआत होगी इसकी स्पष्ट जानकारी देने के कोई भी अधिकारी तैयार नहीं है।