सांसद के गोद लिए गए आदर्श गांव जरखोर में बुधवार की शाम जिलाधिकारी ने जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इस दौरान गांव में गंदगी की शिकायत व सफाई कर्मी नहीं आने की शिकायत पर सफाई कर्मी का वेतन रोक दिया। चौपाल में डीएम ने गांव में हुए विकास कार्यों का सत्यापन किया।
जिलाधिकारी ने जन चौपाल में कौशल विकास मिशन के बारेमें बताया। कहा कि इसके तहत ट्रेनिंग करने पर उसे शासन द्वारा वित्तीय मदद दी जाती है । गर्भवती महिलाओं को पोषित भोजन और अति कुपोषित बच्चों के लिए भोजन के साथ साथ चना को अंकुरित कर दिया जाएगा। उन्होंने स्वच्छता पर बल देते हुए कहा कि पूरे गांव में 450 शौचालय बनाने का लक्ष्य है जिसमें 100 शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है । इसके लिए धन अवमुक्त किया गया है । इसे पूरा होते ही और शौचालय के लिए धन अवमुक्त कर दिया जाएगा । जनपद में 26 गांव को खुले में शौच मुक्त गाव बनाने का लक्ष्य है। तीन गांव खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिए गए हैं । जरखोर भी उसी गांव में सम्मिलित है । गाँव में वृद्धा पेंशन विधवा पेंशन समाजवादी पेंशन व विकलांग पेंशन के लिए एक भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं है । जननी सुरक्षा योजना में महिलाओं के गर्भधारण के बाद उसकी पूरी देखभाल की जाती है तथा उसे टिटनेस का टीका लगाया जाता है । जरखोर गांव की 36 गर्भवती महिलाओं के खून का जांच किया गया जिसमें सभी महिलाओं में कम खून पाया गया। चौपाल में जिलाधिकारी ने कहा कि अनिवार्य शिक्षा निशुल्क शिक्षा ड्रेस भोजन किताब के साथ साथ समाजवादी पौष्टिक आहार योजना भी दिया जाता है । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के बारे में बताया तथा आवास व पेंशन के बारे में समझाया।
उन्होंने कहा कि आवास एवं पेंशन के नाम पर कोई पैसे की मांग करता है तो मेरे नंबर पर तुरंत सूचना दिया जाए । ग्रामीणों ने डीएम से पानी निकासी गंदगी व खराब गलियों की समस्या से अवगत कराया जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को भौतिक सत्यापन कर तत्काल निस्तारण करने का निर्देश दिया। चौपाल में डीपीआरओ गोविंद शरण श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी सदर राजन राय, अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा, एडीओ पंचायत ब्रजेश कुमार सिंह, कैलाशपति सिंह, आरके पांडेय, बीएसए चंदना राम इकबाल यादव, खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, समाज कल्याण अधिकारी मीना सिंह, चंद्रभान सिंह आदि उपस्थित रहे।