चंदौली। आयुष्मान योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें डीएम नवनीत सिंह चहल ने सरकारी अस्पतालों में योजना के तहत लाभार्थियों कम लाभान्वित करने पर नाराजगी जताई। वहीं निजी अस्पतालों में आए मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ देने से पूर्व मौके पर पहुंच सत्यापन करने का निर्देश दिया। साथ ही योजना से वंचित लोगों को अभियान चलाकर गोल्डेन कार्ड उपलब्ध कराने के लिए कहा।
बैठक के दौरान डीएम नवनीत सिंह चहल ने कहा कि गरीब वर्ग के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन की ओर आयुष्मान योजना की शुरुआत की है। इस योजना के लिए सरकारी और कुछ गैर सरकारी अस्पतालों को चयनित किया गया है। जहां मरीजों का नि:शुल्क उपचार और दवा उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में किसी भी लाभार्थी का पांच लाख तक की दवा उपचार खर्च निर्धारित किया गया है। कहा कि आयुष्मान योजना के तहत लोगों को लाभान्वित करने में सरकारी अस्पतालों की अपेक्षा निजी अस्पतालों ने बेहतर कार्य किया है। उन्होने सीएमओ डा. आरके मिश्रा को निर्देश दिया कि किसी भी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थी और उसके परिवार के लोगों का उपचार से पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच सत्यापन करें। इससे योजना में पारदर्शिता बनी रहेगी और लाभार्थी को भी सही उपचार मिलेगा। कहा कि ऐसे अस्पतालों को भी चिन्हित किया जाय जो आयुष्मान योजना के तहत कम लोगों को लाभान्वित कर रहे है। वहीं सरकारी अस्पतालों में कम लोगों का इस योजना के तहत उपचार होने पर संबंधित प्रभारी की जिम्मेदारी तय हो। सुस्त प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई होना जरुरी है। क्योकि शासन की मंशा के विपरित कार्य करने वालों को किसी दशा में बक्शा नहीं जाएगा। इस दौरान सीएमओ डा. आरके मिश्र, सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव, एएसपी प्रेमचंद्र, डा. डीके सिंह, डा. रामचंद्र शुक्ल, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती उपस्थित रहे।