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Chandauli News: कोल्ड डायरिया के शिकार हो रहे बच्चे

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चंदौली। बदलते मौसम ने बच्चों की सेहत पर प्रभाव डाला है। जिला अस्पताल में 15 दिन पहले जहां बाल ओपीडी में 120-150 बच्चे ही आते थे। वहीं, अब इनकी संख्या बढ़कर 200-210 तक पहुंच गई है। वहीं, रोज, 20 बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। इनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों और खासकर नवजात बच्चों में कोल्ड डायरिया की शिकायत मिल रही है। जिसमें सर्दी, जुकाम,बुखार के साथ दिन में तीन से चार बार दस्त की समस्या है।
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पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग 1400 मरीज अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। उक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में 200-210 तक जा पहुंची है। वहीं प्रतिदिन लगभग 20 बच्चे भर्ती भी हो रहे है। दवा कांउटर पर भी लम्बी लाइन लग रही है। वही बच्चों की भी ओपीडी में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। चिकित्सकों की मानें तो बुजुर्गों को बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि मौसम बदलने के कारण बीमारी अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया है। ऐसे में सावधानी ही बचाव है। वहीं सरकारी अस्पताल ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि कोल्ड डायरिया में बच्चों को सर्दी-जुकाम, बुखार, मांसपेशियों में दर्द के साथ उल्टी और दस्त की समस्या होती है। एक दिन में दो से तीन बार दस्त और उल्टी होने को कोल्ड डायरिया का लक्षण माना जाता है। बताया कि ठंड में बच्चों को बचा कर रखें। सुबह व रात में पहनावे पर ध्यान रखें। ठंडी चीजों से परहेज करें। बच्चों सुबह बेड से उठ कर सीधे बाहर न जाने दें। सुबह फर्श पर नंगे पैर चलने से बचें। शरीर में पानी की कमी से डिहाईड्रेशन हो सकता है या फिर व्यक्ति कोल्ड डायरिया का शिकार हो सकता है।
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