कंदवा के खोर गांव में लहलहा रही विष्णुभोग चावल की फसल। संवाद
पीडीडीयू नगर/कंदवा। अपनी खास भीनी खुशबू, बेहतरीन स्वाद और छोटे से मध्यम आकार के दानों के लिए पहचाने जाने वाले विष्णु भोग चावल की खेती अब जिले में भी होने लगी है।
इस वर्ष बरहनी और सकलडीहा ब्लॉक के करीब 30 किसानों ने 25 एकड़ में इसकी खेती की है। खेतों में लहलहाती फसल को देखकर किसान काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इस प्रजाति के धान के पौधे ही खुशबू बिखेरने लगे हैं। इससे उम्मीद है कि इसका चावल भी काफी खुशबूदार होगा।
जिले के सकलडीहा और बरहनी ब्लाॅक के कई गांवों के खेतों में इन दिनों छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध सुगंधित धान विष्णु भोग की फसल लहलहा रही है। धान के पौधों से उठ रही भीनी-भीनी खुशबू लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
खेतों के आसपास से गुजरने वाले लोग खुशबू महसूस करने के बाद फसल देखने पहुंच रहे हैं। लहलहाती फसल देखकर किसान भी उत्साहित हैं और उन्हें इस नई प्रजाति से बेहतर उत्पादन व आमदनी की उम्मीद जगी है।
सकलडीहा ब्लाॅक के खोर व बरहनी ब्लाक के गोरखा, दुबौलिया, चिल्हारी, जोगवा और पुरवा गांव के कई किसानों ने इस बार विष्णु भोग धान की खेती की है। किसानों को कामाख्या तंत्र आश्रम गायघाट वाराणसी के महंत चंद्रमौलि मुनि उदासीन खड़ेश्वरी बाबा की ओर से छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध विष्णु भोग प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया गया था। बाबा का एक आश्रम छत्तीसगढ़ में भी है। किसानों ने पहले नर्सरी तैयार की और इसके बाद पौधों की रोपाई खेतों में की। अब फसल खेतों में लहलहा रही है। संवााद