मुगलसराय। विक्रम सिंह कन्या महाविद्यालय परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चरण
सिंह की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डा. गायत्री
सिंह ने चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चौधरी साहब सच्चे गांधीवादी थे। उन्होंने गांधी के विचारों को ही आगे बढ़ाया।
उन्होंने
कहा कि चरण सिंह किसान नेता थे। जब तक ये राजनीति में रहे, उन्होंने सदैव
किसानों के हित को ध्यान में रखा। इनके प्रयासों के फलस्वरूप ही 1952 में
जमींदारी उन्मूलन विधेयक पारित हुआ।
उन्होंने प्रदेश के 27000 पटवारियों के
त्यागपत्र को स्वीकार कर लेखपाल पद का सृजन कर नई भर्ती करके किसानों को
पटवारी आतंक से मुक्ति दिलाई। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब का जन्म 23
दिसंबर 1902 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के हापुड़ तहसील के नूरपुर
गांव के एक निर्धन परिवार में हुआ था।
उन्होंने आगरा के डा. भीमराव
अंबेडकर विश्वविद्यालय से विधि की शिक्षा प्राप्त की। शुरुआती दिनों में वे
स्वतंत्रता आन्दोलन से भी जुड़े रहे। उन्होंने 28 जुलाई 1979 में
प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण ली एवं 14 जनवरी 1980 में अपने पद से
त्यागपत्र दे दिया।
इस अवसर पर नामित सभासद नंदगोपाल जायसवाल, महाविद्यालय
की प्रवक्ताओं, कर्मचारियों व व छात्राओं ने भी स्व चरण सिंह के तैल्य
चित्र पर पुष्प अर्पित किया।
वहीं समाजवादी पार्टी जिला इकाई की ओर से
मंगलवार को नरसिंहपुर खुर्द स्थित पार्टी कार्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री
चौधरी चरण सिंह की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने
उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया और गोष्ठी में उनके
व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर कार्यालय प्रभारी चाखन यादव ने
कहा कि चौधरी साहब ने हमेशा किसानों, मजदूरों, अल्पसंख्यकों के हित में
संघर्ष किया। उनका यह प्रयास रहता था कि गरीबों का उत्थान हो। क्योंकि
गरीबों के विकास से ही देश का विकास संभव है। वह गरीबी मिटाने के लिए आजीवन
प्रयास करते रहे। वे हमेशा कहा करते थे कि जब तक गांव खुशहाल नहीं होगा,
तब तक देश में खुशहाली नहीं आएगी।
इस अवसर पर आशुतोष यादव, राजा खां,
रघुनाथ यादव, सुरेंद्र, श्रीकांत विश्वकर्मा, मुन्नीलाल मौर्य आदि उपस्थित
रहे। संचालन महेंद्र यादव ने किया। दूसरी ओर भदलपुरा स्थित सपा नेता रमेश
यादव के आवास पर बैठक में कार्यकर्ताओं ने चरण सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित
किया। रमेश यादव ने कहा कि गांवों के समुचित विकास के लिए सभी को प्रयास
करने की जरूरत है। इस मौके पर राम शंकर सिंह, साधुशरण यादव, छांगुर यादव,
जगत नारायण, हंसराज यादव, अवधेश यादव, लल्लन, अब्बास अली आदि उपस्थित रहे।