दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते प्राचार्य सोमपाल।
नगर सहित पूरे जिले में बुधवार को हिन्दी दिवस परंपरागत तरीके से मनाया गया। जगह जगह गोष्ठियां हुई और हिन्दी के विकास पर बल दिया गया। विभिन्न स्थलों पर हिन्दी पखवारा भी शुरू किया गया। गोष्ठियों पर हिन्दी को बोलने, लिखने में गर्व महसूस करने का आह्वान किया गया। कहा कि जब तक हिन्दी को हीन भाव से देखने का नजरिया खत्म नहीं होगा हिन्दी का भला नहीं होने वाला है।
केंद्रीय विद्यालय में हिन्दी पखवारा की शुरूआत की गई। विद्यालय के प्राचार्य सोमपाल ने कहा कि हमें अपने मातृभाषा के महत्व को समझना एवं उसके प्रचार प्रसार पर बल देना चाहिए। उपप्राचार्य डॉ. एके सिंह ने हिन्दी के महत्व को समझाया। इस अवसर पर जेपी राम, समन्वयक डॉ. रजनी कांत आदि उपस्थित रहे। इंडो ग्लोबल यूथ फोरम की रामजानकी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अलीनगर में हुई बैठक् में हिन्दी भाषा के महत्व का बखान किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम के बारे में बताया गया। बताया गया कि पंद्रह सितंबर को काली महाल में वाद विवाद प्रतियोगिता होगी, सोलह को विश्व ओजोन दिवस पर रैली व गोष्ठी, 17 को सुलेख, 18 को हिन्दी के लिए हस्ताक्षर अभियान, 19 को पोस्टर के माध्यम से हिन्दी जागरूकता और बीस को समापन समारोह होगा। इस मौके पर सदानंद दुबे, राजेश योगी, अजय शर्मा, बबलू यादव, संगीता, रामनिहोर, मेवालाल गुप्ता, धनंजय पांडेय, श्यामसुंदर यादव, शोभनाथ प्रसाद आदि रहे।अध्यक्षता डॉ. रामप्रकाश शाह ने और संचालन इंद्रजीत शर्मा ने की। छत्रधारी महाविद्यालय दयालपुर सदलपुरा में आयोजित गोष्ठी में हिन्दी के महत्व को बताया गया। इसके प्रचार प्रसार पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि अवध बिहारी सिंह कवि ने कहा कि अंग्रेजी के शब्दों के मिलन से हिन्दी विलुप्तिकरण के कगार पर है। हिंग्लिस ने हिन्दी को बर्बाद किया है। इस अवस पर डॉ. संत त्रिपाठी, वासूदेव सिंह, प्रबंधक डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ.नंदलाल आदि ने विचार व्यक्त किए।