आदमपुर थाने की पुलिस की सूचना पर सुभाष और शुभम के परिजन पंच अग्नि अखाड़ा घाट पहुंचे। परिजनों ने बताया कि एक कोचिंग में पढ़ाने वाला सुभाष पांच भाइयों में सबसे छोटा था। शुभम चार बहनों का इकलौता भाई था। परिजनों ने बताया कि सुभाष और शुभम प्रत्येक रविवार को घर से स्नान कर बाबा कालभैरव के दर्शन-पूजन के लिए बनारस आते थे। इस रविवार को दोनों को न जाने क्या सूझा कि वह गंगा स्नान कर दर्शन-पूजन करने का निर्णय लिए थे। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम परिजनों ने राजघाट स्थित श्मशान घाट पर दोनों युवकों के शव की अंत्येष्टि की।