पीडीडीयू नगर। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में चंदौली पुलिस ने फिर से रिकार्ड बनाया है। जनवरी से अप्रैल के बीच चंदौली पुलिस ने प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सबसे ज्यादा गैंगस्टर की कार्रवाई की है। चार महीने में गैंगस्टर एक्ट में 68 मुकदमे दर्ज कर 182 अभियुक्ताें के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसमें सबसे ज्यादा 47 मुकदमे पशु तस्करों के खिलाफ दर्ज कर 120 अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई। वर्ष 2023 में चंदौली पुलिस ने 129 गैंगस्टर के मुकदमे दर्ज कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। चंदौली उत्तर प्रदेश की बिहार से जुड़ने वाली सीमा का अंतिम जिला है। ऐसे में यहां से बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। चंदौली से बिहार होते हुए बंगाल जाने के लिए यह सबसे मुफीद रास्ता है। ऐसे में तस्कर इस रूट का सबसे अधिक प्रयोग करते हैं। यहां से सबसे ज्यादा पशु और शराब की तस्करी होती है। वहीं, पुलिस संगठित गिरोह बनाकर तस्करी समेत अन्य अपराध करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कर रही है। जनवरी से अप्रैल के बीच चंदौली में प्रदेश में सबसे ज्यादा अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर के तहत 68 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसमें पशु तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर के 47 मुकदमे दर्ज कर 120 अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई है। इसी तरह शराब तस्करी में छह मुकदमे दर्ज हुए और 14 अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई। गांजा तस्करी में तीन मुकदमे में सात पर कार्रवाई, लूट मामले के पांच मुकदमे में 14 पर कार्रवाई हुई। गुंडा, रंगदारी और बलात्कार मामले में एक-एक मुकदमे दर्ज कर दो-दो अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई। हत्या के मामले के गैंगस्टर के तहत एक मुकदमा दर्ज हुआ और आठ पर कार्रवाई, वाहन चोरी में गैंगस्टर के पांच मुकदमे दर्ज हुए और 15 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। चार महीने में गैंगस्टर की कार्रवाई करने के मामले में मुरादाबाद दूसरे स्थान पर है। यहां 43 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं, मुजफ्फर नगर में 43 मुकदमे दर्ज हुए हैं और वह तीसरे स्थान पर है। प्रतापगढ़ और आगरा कमिश्नरेट पूर्वी की स्थिति सबसे अधिक खराब है। यहां सिर्फ एक-एक मुकदमे गैंगस्टर एक्ट में दर्ज किये गए हैं।