चंदौली। बच्चों में कुपोषण की स्थिति दिनों दिन नाजुक होती जा रही है। कोई महीना ऐसा नहीं है जब दो-चार कुपोषित बच्चे आंकड़ों में न बढ़ रहे हों। जबकि केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाएं बच्चों के विकास के लिए ही संचालित हैं। आंकड़ों की स्थिति बताती है कि योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर पहुंच नहीं पा रही है। जनपद में अति कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र खोले गए हैं। इसके बावजूद जनपद में दो साल में लगभग पांच हजार बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं। वहीं चकिया में केंद्र संचालित है, लेकिन अभी तक धानापुर में नियुक्ति नहीं होने के कारण केंद्र का संचालन ठप है।
जनपद में कुल 1823 आंगनबाड़ी केंद्र है। जहां से कुपोषण रोकने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इसके वाबजूद जिले में 27952 कुपोषित और लगभग 4925 बच्चे अतिकुपोषित हैं। जबकि सामान्य कुपोषण वाले बच्चों की संख्या दो लाख से अधिक है। बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिए प्रत्येक आंगबनड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार, हाट कुक्ड़ फूड योजना चल रही है। जहां फल, दूध, देशी घी तक उन्हें खिलाने का निर्देश है। इसके अलावा समय-समय पर उनका टीकाकरण, विटामिन्स की खुराक, स्वास्थ्य जांच, वजन आदि किया जाता है, लेकिन कुपोषण रोकने में समय लग रहा है। कुपोषण मिटा कर बच्चों को स्वस्थ बनाने को राज्य पोषण मिशन के तहत डीएम, सीडीओ सहित कई अधिकारियों ने गांवों को गोद लिया है। इन गांवों में अधिकारियों को जाकर अपने सामने बच्चों का वजन कराना है। बच्चों की गंभीर स्थिति पर इनको अस्पताल पहुंचाना है। मगर जिम्मेदारों में से आधे से अधिक गोद लिए गांवों में अधिकारी झाकने तक नहीं जाते हैं।
चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में पोषण पुनर्वास केंद्र में कुल 10 बेड की व्यवस्था की गई है। परंतु तीन अतिरिक्त बेड लगाकर मरीज बढ़ने के कारण 13 मरीज भर्ती हैं। केंद्र द्वारा मरीज तथा उनके परिजनों को मिलने वाली सुविधाएं दी जा रही है। ठंड के कारण केंद्र में बच्चों तथा परिजनों को गलन की स्थिति बनी रही। ब्लोवर की व्यवस्था ना होने से रूम ठंडा है। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स स्वेता सिंह,श्वेता देवी मौजूद रही।
कोट-
जनपद में कुपोषण के रोकथाम के लिए विभाग की ओर से गांवों तक सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को पहुंचाया जा रहा है। चकिया में पुनर्वास केंद्र का संचालन हो रहा है और धानापुर में स्टाप नहीं होने के कारण वहां संचालन ठप है। शासन को पत्र भेजा गया है उम्मीद है कि जल्द ही वहां संचालन शुरू हो जाएगा। नीलम मेहता, जिला कार्यक्रम अधिकारी।