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अब हर ट्रेन में आरपीएफ की होगी एक सीट, दर्ज होगी शिकायत

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अब ट्रेन में ही करा सकेंगे एफआईआर
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अब हर ट्रेन में आरपीएफ की होगी एक सीट, दर्ज होगी शिकायत
एक्सप्रेस में एस-1 की 63 और शताब्दी में सी-4 की एक नंबर सीट सुरक्षित
पीडीडीयू नगर। मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों और शताब्दी ट्रेनों में यात्रियों को शिकायत दर्ज कराने के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए रेलवे ने शताब्दी एक्सप्रेस में सी-4 कोच में एक नंबर बर्थ जबकि अन्य मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर कोच संख्या एस-1 के 63 नंबर सीट पर ट्रेनों में स्कोर्ट के जवानों के लिए सुरक्षित किया है। यात्रा के दौरान थाने की तरह यात्रियों को किसी तरह की शिकायत दर्ज कराने में सहूलियत होगी। सुरक्षा की दृष्टि से कुछ ट्रेनों में इसकी शुरूआत हो चुकी है। जल्द ही मुगलसराय रेल मंडल से गुजरने वाली गाड़ियों में यह व्यवस्था दी जाएगी।
यातायात का सुगम और सस्ता साधन ट्रेनों से यात्रा करना है। प्रतिदिन लाखों यात्री ट्रेनों से यात्रा करते हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा बहुत बड़ी चुनाती है। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल व रेलवे सुरक्षा विशेष बल की टूकड़ियां गश्त करती हैं। बावजूद इसके ट्रेनों में होने वाले अपराध में कमी नहीं आ पा रही है। सीट के लिए मारामारी के अलावा महिलाओं से छेड़खानी, चोरी, छिनैती आदि की घटनाएं आम है। घटना के बाद यात्री गश्त पर तैनात पुलिस कर्मियों खोजते रहते हैं। वे कहां रहते हैं पता नहीं चलता। वहीं स्कोर्ट कर रहे जवान भी इधर उधर भटकते रहत हैं। इसको देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में गश्त कर रहे रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के लिए बर्थ निर्धारित कर दिया है। सीट निर्धारित होने से आरपीएफ /आरपीएसफ के जवान गश्त के बाद निर्धारित सीट पर आराम कर सकेंगे वहीं यात्रियों को भी अपनी शिकायत दर्ज कराने में आसानी होगी। स्कोर्ट कर रहे जवान के पास शिकायत दर्ज करने के पर्याप्त साधन होंगे। वे यात्रियों की शिकायत लेकर होम स्टेशन पर पहुंच कर मुकदमा दर्ज कराएंगे।
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कोट...
कुछ ट्रेनों में सीट निर्धारित कर दी गई है। मंडल से होकर गुजरने सभी ट्रेनों में इसे लागू कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुगलसराय रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में जल्द ही यह व्यवस्था मूर्त रूप में दिखेगी। आशीष मिश्र, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त
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