पीडीडीयू नगर। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। दिनोंदिन ठंड में बढ़ती जा रही है। विशेषकर रात के समय तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। बावजूद इसके बाहर से आने वाले यात्रियों व फुटपाथों पर जीवन बसर करने वाले असहायों को ठंड से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से अभी कोई तैयारी शुरू नहीं की गई है। अभी तक न तो अलाव जलाने और न ही रैन बसेरे की कोई तैयारी नहीं की गई है।
पालिका प्रशासन की ओर से प्रतिवर्ष नगर में जीटीआर ब्रिज के पश्चिमी छोर पर बने लाल बहादुर शास्त्री पार्क सहित दो से तीन अस्थाई रैन बसेरा बनाया जाता है। इसके अलावा 50 से अधिक जगहों पर अलाव की व्यवस्था की जाती है। रैन बसेरा में गद्दे-रजाई और पानी एवं प्रकाश का इंतजाम किया जाता है। इस रैन बसेरा में एक रात लगभग 50 लोग रह सकते हैं। इसके अलावा पालिका की ओर से पिछले वर्ष अलीनगर थाने के पीछे एक स्थायी आश्रय गृह भी बनवाया गया है। पालिका प्रशासन की योजना के अनुसार इसमें ठहरने वालों को रात का भोजन दिए जाने की व्यवस्था भी करनी थी। इसके अलावा रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से लगभग तीन किलोमीटर दूर होने के कारण आश्रय गृह तक लोगों को पहुंचाने के लिए पालिका की ओर से वाहन की व्यवस्था भी की जानी थी।
पिछले वर्ष कुछ दिनों के लिए यह व्यवस्था की गई थी लेकिन इस वर्ष अभी तक इसे शुरू नहीं किया गया है। इसके अलावा पालिका प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव जलाने की व्यवस्था भी नहीं की गई है। पिछले वर्ष नगर में वीआईपी गेट, रोडवेज बस स्टैंड, आर्य समाज मंदिर, नई सट्टी, कालीमहाल व कसाब महाल चौराहा सहित लगभग 50 स्थानों पर पालिका ने अलाव जलवाने की व्यवस्था की थी। इस वर्ष अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था करने के लिए टेंडर ही नहीं किया गया है। इससे अलाव जलाने में अभी कुछ और देर होने की संभावना लग रही है। तब तक लोगों को ठंड से मुकाबला करने के लिए खुद ही व्यवस्था करनी पड़ेगी।
दूर होने से आश्रय गृह तक नहीं पहुंच पाते राहगीर
सर्दी में राहगीरों और यात्रियों को ठहरने के लिए अलीनगर के पास नगर पालिका प्रशासन ने आश्रय गृह बनाया है। मगर उसकी दूरी तकरीबन तीन किमी होने के कारण वहां कोई पहुंच नहीं पाता है। पालिका प्रशासन ने पिछले साल तय किया था कि वहां तक पहुंचाने के लिए वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी मगर इंतजाम नहीं हो सका। इस साल भी पालिका प्रशासन वाहन से वहां तक जरूरतमंदों को पहुंचाने का दावा कर रहा है मगर अभी वाहन की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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अलाव जलाने को लेकर पालिका प्रशासन गंभीर है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इसकी व्यवस्था करायी जाएगी। इसके अलावा इस माह में ही रैन बसेरा बनवा दिया जाएगा। अलीनगर में बने आश्रय गृह तक लोगों को पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में किराए के वाहनों का इंतजाम भी किया जाएगा।
रिपोर्ट व संपादन- धनंजय
बाइट- 2185